वर्किंग में सुधार जरूरी, साइबर क्राइम और नशा बड़ी चुनौती
भोपाल । मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने नववर्ष 2025 के अवसर पर कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस को अनुशासन और पेशेवर दक्षता में सुधार करना होगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों से संवेदनशीलता, त्वरित कार्यवाही, और कानून की सर्वोच्चता का प्रदर्शन करने की अपील की। मकवाना ने साइबर अपराध, नशे के बढ़ते मामलों, और यातायात दुर्घटनाओं को पुलिस के सामने गंभीर चुनौतियां बताया। उन्होंने थाना स्टाफ को पीडि़तों के प्रति संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीजीपी ने कहा कि 2024 पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन शांतिपूर्ण लोकसभा चुनाव कराने जैसी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी मिलीं। उन्होंने पुलिस की भूमिका की सराहना की।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए योग और ध्यान के कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई है। मकवाना ने इसे पुलिस बल को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाने का सकारात्मक कदम बताया। डीजीपी ने कहा कि पुलिस बल की मेहनत और समन्वय से प्रदेश में सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में सफलता मिलेगी। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने की अपील की। डीजीपी कैलाश मकवाना ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर नव वर्ष 2025 की शुभकामनाएं देते हुए पुलिस बल को अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर के सिद्धांत का पालन करते हुए, उचित प्रतिबंधात्मक उपाय किए जाने चाहिए।
पुलिस के लिए जरूरी कदम
बेसिक पुलिसिंग के साथ ही आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया जाए। सुनियोजित और पेशेवर तरीके से कार्यप्रणाली में सुधार लाएं। सभी कानूनों और प्रावधान का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। थाना स्टाफ पीडि़तों, महिलाओं, और बच्चों के प्रति संवेदनशील रहे और त्वरित कार्रवाई करे।
साइबर अपराध, नशा, और दुर्घटनाएं
डीजीपी ने साइबर अपराध, नशे की समस्या, और सडक़ दुर्घटनाओं को प्रमुख चुनौतियां बताते हुए कहा कि इनसे निपटने के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए। साथ ही, आमजन को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि थाने पुलिस विभाग की मूल इकाई है, जहां आमजन से सीधा संपर्क होता है। यहां पुलिसकर्मियों से उत्तम आचरण, संवेदनशीलता, और त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है। महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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