कब है माघ मासिक शिवरात्रि? बन रहे 3 शुभ संयोग, जानें तारीख, मुहूर्त, शिववास समय
मासिक शिवरात्रि का व्रत हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है. इस दिन व्रत रखते हैं और भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं. महादेव की पूजा करने से कष्ट मिटते हैं, रोग और दोष से मुक्ति मिलती है. शिव कृपा से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस बार की माघ मासिक शिवरात्रि पर 3 शुभ संयोग बन रहे हैं. हालांकि व्रत के दिन पाताल की भद्रा भी है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि माघ की मासिक शिवरात्रि कब है? मासिक शिवरात्रि पर कौन से 3 शुभ संयोग बन रहे हैं? शिव पूजा मुहूर्त क्या है?
माघ मासिक शिवरात्रि 2025 तारीख
पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 27 जनवरी को रात 8 बजकर 34 मिनट से शुरू होगी. इस तिथि का समापन 28 जनवरी को शाम 7 बजकर 35 मिनट पर होगा. ऐसे में निशिता पूजा मुहूर्त के आधार पर माघ की मासिक शिवरात्रि 27 जनवरी दिन सोमवार को है.
3 शुभ संयोग में मासिक शिवरात्रि 2025
माघ की मासिक शिवरात्रि या नए साल की पहली मासिक शिवरात्रि के दिन 3 शुभ संयोग बन रहे हैं. उस दिन मासिक शिवरात्रि के साथ सोम प्रदोष व्रत भी है. इतना ही नहीं, दिन सोमवार है, जो भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है. ऐसे में देखा जाए तो 27 जनवरी का दिन इन 3 वजहों से शिव पूजा के लिए विशेष है. इस दिन आप उपवास रखकर तीन व्रतों के पुण्य फल को प्राप्त कर सकते हैं.
मासिक शिवरात्रि 2025 मुहूर्त
27 जनवरी को मासिक शिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त देर रात 12 बजकर 7 मिनट से देर रात 1 बजे तक है. यह मासिक शिवरात्रि पूजा का निशिता मुहूर्त है. इस समय में मंत्रों की सिद्धि करते हैं. हालांकि आप दिन में कभी भी मासिक शिवरात्रि की पूजा कर सकते है. निशिता मुहूर्त में शिव पूजा के लिए भक्तों को 53 मिनट का शुभ समय प्राप्त होगा.
मासिक शिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त प्रात:काल में 5 बजकर 26 मिनट से सुबह 6 बजकर 19 मिनट तक है. उस दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक है. उस दिन हर्षण योग प्रात:काल से लेकर देर रात 1 बजकर 57 मिनट तक है. उसके बाद से वज्र योग है. शिवरात्रि को मूल नक्षत्र सुबह 9 बजकर 2 मिनट तक है, फिर पूर्वाषाढा नक्षत्र है.
मासिक शिवरात्रि 2025 शिववास
मासिक शिवरात्रि के दिन शिववास पूरे दिन रहता है. पंचांग के अनुसार, शिववास भोजन में रात 8 बजकर 34 मिनट तक है. उसके बाद शिववास श्मशान में है.
मासिक शिवरात्रि की रात में लगेगी भद्रा
माघ की मासिक शिवरात्रि की रात में भद्रा लगेगी. भद्रा का प्रारंभ रात में 8 बजकर 34 मिनट से होगा, जो अगले दिन सुबह 7 बजकर 11 मिनट तक है. इस भद्रा का वास पाताल लोक है.
मासिक शिवरात्रि का महत्व
मासिक शिवरात्रि का व्रत और पूजन करने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस दिन शिव जी को बेलपत्र, गंगाजल, गाय का दूध, भांग, मदार पुष्प, धतुरा, चंदन, शहद, फूल, माला आदि अर्पित करें. मासिक शिवरात्रि की व्रत कथा पढ़ें. शिव कृपा से आपके कष्ट मिटेंगे और शुभ फल की प्राप्ति होगी.
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