गृह विभाग ने पुलिस भर्ती नियम में किया बदलाव
भोपाल । राज्य शासन ने पुलिस अराजपत्रिक पदों पर भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। जिसके तहत महिलाओं के लिए आरक्षित पदों पर महिला अभ्यर्थी नहीं आती हैं तो फिर रिक्त पद पुरूषों से भर दिए जाएंगे। यानी पद अगली भर्ती तक आगे नहीं बढ़ाए जाएंगे। साथ ही भर्ती के लिए लिखित, शारीरिक परीक्षा के बाद साक्षात्कार भी होगा। इसके बाद मैरित सूची तैयार होगी। मप्र पुलिस कार्यपालिक सेवा भर्ती नियम 1997 में बदलाव कर दिया है। इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। जिला कार्यपालिक बल में सूबेदार, उप निरीक्षक के पदों पर भर्ती के लिए महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। इस संबंध में दो महीने पहले मुख्यमंत्री डॉ मेाहन यादव की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट ने फैसला लिया था। अभी तक मप्र पुलिस भर्ती में 33 फीसदी आरक्षण मिलता रहा है। मोहन सरकार ने इसे बढ़ाकर 35 फीसदी कर दिया है। खास बात यह है कि यदि 35 फीसदी पदों के लिए पर्याप्त संख्या में महिलाएं नहीं आती हैं तो फिर शेष खाली पद पुरूष आवेदकों से भर दिए जाएंगे। खास बात यह है कि इन परीक्षाओं में भूतपूर्व सैनिकों को आरक्षण देेने का कॉलम हटा दिया गया है।
फिजिकल में 30 फीसदी अंक जरूरी
पुलिस पदों में सूबेदार, उप निरीक्षक (फोटो, विशेष शाखा, रेडियो, फिंगर प्रिंट, दस्तावेज, आयुध) आते हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा में 30 फीसदी अंक अनिवार्य है। शारीरिक परीक्षा में 800 मीटर दौड़ के 40 अंक, लंबी कूद के 30 अंक, गोला फेंक के 30 अंक निर्धारित हैं। इनमें से 30 फीसदी अंक अनिवार्य है। वही आयु सीमा 36 से बढ़ाकर 38 कर दी है। जबकि आयु सीमा में छूट 45 साल तक है। लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षा के अंकों के आधार पर सूची तैयार होगी। इसके बाद निर्धारिक प्रक्रिया के अनुसार साक्षात्कार होगा। साक्षात्कार के लिए 50 अंक निर्धारित हैं। मुख्य परीक्षा, शारीरिक परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर प्रवीण्य सूची तैयार होगी।
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