हेरिटेज ट्रेन पर लगेगा ब्रेक, 16 मार्च से संचालन बंद का एलान, आखिर क्यों?
इंदौर: पातालपानी और कालाकुंड के बीच चलने वाली हेरिटेज ट्रेन 16 मार्च से अस्थायी रूप से बंद होने जा रही है। रेलवे प्रबंधन ने यह निर्णय गर्मी के मौसम में यात्रियों की संख्या में कमी को देखते हुए लिया है। हर साल गर्मी की शुरुआत में यह ट्रेन बंद कर दी जाती है। मानसून सीजन में इसे फिर से शुरू किया जाता है। रेलवे ने आदेश जारी कर इस ट्रेन को 16 मार्च से अगले आदेश तक बंद करने के निर्देश दिए हैं।
प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठा रही हेरिटेज ट्रेन
पर्यटक हेरिटेज ट्रेन में पातालपानी और कालाकुंड के बीच प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठा रहे हैं। इस ट्रेन में सफर करते हुए यात्रियों को झरने, नदियां, पहाड़ और हरी-भरी घाटियां देखने को मिलती हैं। ट्रेन में कुल 336 सीटें हैं, जिनमें 2 एसी पारदर्शी कोच (120 सीटें) और 3 नॉन एसी कोच शामिल हैं।
यात्रियों की संख्या में कमी के कारण लिया गया निर्णय
इंदौर के पास पातालपानी और कालाकुंड के बीच चलने वाली इस हेरिटेज ट्रेन में यात्रियों की संख्या बारिश के मौसम में तो अच्छी रहती है, लेकिन गर्मी के दिनों में इसमें काफी कमी आ जाती है। इस कारण रेलवे प्रबंधन ने ट्रेन को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। रेलवे पीआरओ खेमराज मीना के अनुसार हेरिटेज ट्रेन आगामी आदेश तक रद्द रहेगी।
ट्रेन संचालन एवं व्यय
- पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन में 5 कोच हैं, जिसमें 2 एसी और 3 नॉन एसी कोच हैं। एसी कोच का किराया 265 रुपए और नॉन एसी कोच का किराया 20 रुपए प्रति टिकट है।
- ट्रेन को पातालपानी से कालाकुंड पहुंचने में 2 घंटे और वापसी में 1 घंटे का समय लगता है। कालाकुंड पहुंचने के बाद ट्रेन वहां 2 घंटे रुकती है, इस दौरान यात्री झरने और पहाड़ों का दीदार कर सकते हैं।
- रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन के एक चक्कर में करीब 150 लीटर डीजल खर्च होता है, जिसकी कीमत करीब 15 से 20 हजार रुपए होती है। डीजल की आपूर्ति महू से लोडिंग वाहन द्वारा की जाती है।
2018 में हुई थी शुरुआत
पातालपानी से कालाकुंड घाटियों तक के ट्रैक को 2018 में हेरिटेज ट्रैक घोषित किया गया था। इसके साथ ही मध्य प्रदेश की एकमात्र हेरिटेज ट्रेन की शुरुआत हुई। इस ट्रेन को यात्रियों ने शुरू से ही पसंद किया। यह रेलवे लाइन 1877 में बिछाई गई थी। कुछ साल पहले इस ट्रैक को बंद करने की योजना थी, लेकिन पर्यटन को ध्यान में रखते हुए इसे जारी रखा गया।
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