रामदेव का पलटवार – नाम न लेने पर भी रूह अफजा ने क्यों माना खुद को निशाने पर?
योग गुरु बाबा रामदेव शुक्रवार को वृंदावन के मलूक पीठ आश्रम पहुंचे. मलूक जयंती के अवसर पर कार्यक्रम में रामदेव ने बड़े बयान दिए. उन्होंने कहा, मैंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन रूह अफजा वालों ने इसे ‘शरबत जिहाद’ मान लिया. इसका मतलब है कि वो ये ‘जिहाद’ कर रहे हैं. अगर वो इस्लाम के प्रति समर्पित हैं और मस्जिद और मदरसे बना रहे हैं तो उन्हें खुश होना चाहिए. हालांकि, सनातनियों को समझना चाहिए. अगर किसी को इससे दिक्कत है तो उसे होने दें.
बाबा रामदेव ने कहा, पूरा देश आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आतंकवाद के दौर से गुजर से गुजर रहा है. आज चारों तरफ सनातन का गौरव है और सनातन विरोधी कई तरह के षड्यंत्र कर रहे हैं. हमको ऐसा काम करना चाहिए जिससे कि हमारे सनातन विरोधियों को परास्त कर सकें. बाबा रामदेव संतों की नगरी वृंदावन में सुबह पहुंचे थे. सुबह 9 बजे मलूक पीठ आश्रम पहुंचे. व्यास पीठ से कथा कर रहे राजेंद्र दास महाराज के साथ-साथ व्यास पीठ का पूजन किया और कार्यक्रम में शामिल हुए.
हमको उनसे डरना नहीं चाहिए
करीब 3 से 4 घंटे बाबा रामदेव कथा में शामिल रहे. फिर पत्रकारों से बात की. इस दौरान कहा कि भारत में ज्ञानी और तपस्वी संत लोग मौजूद हैं. आज मैं मलूक पीठ में इसलिए आया हूं क्योंकि यहां पर मलूक जयंती महोत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. इस कार्यक्रम में शामिल हुआ हूं और मैं सनातनियों से कहना चाहता हूं आज चारों तरफ सनातनियों का गौरव है. कुछ सनातन विरोधी लोग इसके प्रति षड्यंत्र रच रहे हैं लेकिन हमको उनसे डरना नहीं चाहिए.
रामदेव ने क्या कहा था?
वृंदावन के बंसीवट मलूक पीठ आश्रम में चल रहे मलूक जयंती महोत्सव के मौके पर ब्रज के तमाम संत मौजूद रहे. बता दें कि बाबा रामदेव ने बीते दिनों फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था. इसमें उन्होंने शरबत जिहाद शब्द का इस्तेमाल किया था. उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल तेज कर दी. रामदेव का कहना था कि एक प्रसिद्ध शरबत बनाने वाली कंपनी मुनाफे से मस्जिदें और मदरसे बना रही है. उन्होंने लोगों से कहा कि वो पतंजलि का गुलाब शरबत खरीदें.
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