नॉर्थईस्ट इन्वेस्टर्स समिट: ₹1.55 लाख करोड़ के निवेश का रास्ता साफ, रोजगार के नए अवसर
रिलायंस इंडस्ट्रीज, अदाणी समूह और वेदांत समूह के नेतृत्व में भारत के शीर्ष औद्योगिक घरानों ने आज पूर्वोत्तर राज्यों में संयुक्त रूप से 1.55 लाख करोड़ रुपये के निवेश करने का वादा किया है। इससे देश के संसाधन-समृद्ध इस क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी और अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार के नए-नए अवसर खुलेंगे।
नई दिल्ली में राइजिंग नॉर्थ-ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि समूह डिजिटल बुनियादी ढांचा, स्वच्छ ऊर्जा, खुदरा, स्वास्थ्य और खेलों में आगामी पांच वर्षों के दौरान यहां अपने निवेश को दोगुना से अधिक बढ़ाकर 75,000 करोड़ रुपये करेगा।
अंबानी ने कहा, ‘रिलायंस ने पिछले 40 वर्षों में इस क्षेत्र में लगभग 30,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। अगले पांच वर्षों में हम अपने निवेश को दोगुना से अधिक करेंगे। हमारा लक्ष्य यहां 75,000 करोड़ रुपये लगाने का है। इससे यहां 25 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।’
रिलायंस जियो अपने 5जी सब्सक्राइबर बेस को 50 लाख से दोगुना करेगा और शिक्षा, स्वास्थ्य एवं विभिन्न उद्यमों को एआई सेवा से जोड़ेगा। रिलायंस रिटेल स्थानीय किसानों और कारीगरों से खरीद का विस्तार करने के साथ-साथ एफएमसीजी कारखाने स्थापित करने की योजना बना रहा है। अंबानी ने कहा, ‘स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में समूह 350 कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र विकसित करेगा ताकि विशाल बंजर भूमि को धन-भूमि में बदला जा सके।’
समूह की परोपकारी संस्था रिलायंस फाउंडेशन मणिपुर में 150 बिस्तरों वाले कैंसर अस्पताल, मिजोरम विश्वविद्यालय के साथ जीनोमिक ब्रेस्ट कैंसर केयर पहल और गुवाहाटी में भारत की सबसे बड़ी जीनोम सीक्वेंसिंग प्रयोगशालाओं में से एक के साथ अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रही है।
इसी प्रकार वेदांत समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, त्रिपुरा, मेघालय और मिजोरम में 30,000 करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया है। उनकी इस पहल से इस क्षेत्र में लगभग एक लाख नौकरियां पैदा की जा सकेंगी। अग्रवाल ने कहा कि यह निवेश तेल और गैस, महत्त्वपूर्ण खनिजों, रिफाइनिंग सुविधाओं, बिजली, ऑप्टिकल फाइबर, सिस्टम इंटीग्रेशन, नवीकरणीय ऊर्जा, ट्रांसमिशन क्षेत्रों और डेटा सेंटरों के क्षेत्र में किया जाएगा। इस साल की शुरुआत में कंपनी ने असम में 50,000 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया था। अग्रवाल ने कहा, ‘आज पूर्वोत्तर के राज्य दोहरे अंकों में विकास कर रहे हैं। वेदांत यहां निवेश करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।’
अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने तीन महीने पहले असम में 50,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता जताई थी। अब अदाणी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में अगले दशक में अतिरिक्त 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। अदाणी ने कहा, ‘हमारा ध्यान हरित ऊर्जा क्षेत्र पर होगा, जिसमें स्मार्ट मीटर, हाइड्रो, पंप्ड स्टोरेज, पावर ट्रांसमिशन, सड़कें-राजमार्ग, डिजिटल ढांचा, लॉजिस्टिक्स के साथ-साथ कौशल और व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से क्षमता निर्माण शामिल है।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘हम बुनियादी ढांचे से ज्यादा क्षेत्र के लोगों पर निवेश करेंगे। हर पहल स्थानीय नौकरियों, उद्यमिता और सामुदायिक जुड़ाव को प्राथमिकता देगी।’
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