चर्चिल के जन्मस्थान से सोने का शौचालय चोरी, दो आरोपियों को 20 साल जेल
लंदन। विंस्टन चर्चिल के जन्मस्थान पर एक प्रदर्शनी में एक कलाकृति के रूप में प्रदर्शित 18 कैरेट के सोने के शौचालय को चुराने के आरोप में शुक्रवार को दो लोगों को जेल की सजा सुनाई गई। खास बात यह है कि यह शौचालय एक आम शौचालय की तरह ही काम कर सकता था।
इंग्लैंड में ब्लेनहेम पैलेस से चुराया था शौचालय
इस शौचालय को इतालवी कलाकार मौरिजियो कैटेलन ने बनाया था और दक्षिणी इंग्लैंड में ब्लेनहेम पैलेस के चर्चिल परिवार के निवास से इसको चुराया गया था, जो एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
इस तरह से दिया था चोरी को अंजाम
फरवरी में ऑक्सफोर्ड क्राउन कोर्ट में मुकदमे की शुरुआत में अभियोजक जूलियन क्रिस्टोफर ने जूरी को बताया कि 14 सितंबर, 2019 को भोर से पहले पांच लोगों के एक समूह ने दो चोरी की गाड़ियों को बंद लकड़ी के गेट से महल के मैदान में घुसाया था। वे एक खिड़की से घुसे, एक लकड़ी के दरवाजे को तोड़ दिया, शौचालय को दीवार से उखाड़ दिया और इमारत में पांच मिनट के बाद चले गए।
98 किलो (216 पाउंड) वजन वाले शौचालय का 6 मिलियन डॉलर का बीमा किया गया था। अभियोजकों का कहना है कि इसे बेचने के लिए संभवतः सोने की छोटी मात्रा में विभाजित किया गया था। सोना कभी भी बरामद नहीं किया गया।
कोर्ट ने सुनाई जेल की सजा
40 वर्षीय जेम्स शीन ने चोरी, सोने को बदलने या स्थानांतरित करने की साजिश और सोने को बदलने या स्थानांतरित करने के लिए मुकदमे से पहले दोषी होने की दलील दी थी। 39 वर्षीय माइकल जोन्स को जूरी द्वारा चोरी का दोषी पाया गया। वहीं, कोर्ट ने 20 साल जेल की सजा सुनाई है।
राशिफल 04 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल