आपातकाल लगाना संविधान की हत्या थी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आपातकाल लागू करना तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा संविधान की हत्या थी। आपातकाल लागू करने के संबंध में न केंद्रीय कैबिनेट ने स्वीकृति दी थी न ही राज्यों की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया था। जिम्मेदार लोगों ने ही संविधान का पालन नहीं किया। अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आपातकाल लागू किए जाने के प्रसंग पर प्रश्न पूछे और उन्हें मौजूदा दौर की विशेषताओं पर विचार व्यक्त करने का अवसर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे इंटर स्टेट बस टर्मिनल स्थित नगर निगम भोपाल के सभाकक्ष में शुक्रवार को आयोजित युवा संसद कार्यक्रम में युवाओं से संवाद करते हुए उक्त बात कही।
युवा संसद को वरिष्ठ सांसद वी.डी. शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को इमरजेंसी का प्रसंग बताया जाना आवश्यक है। अनेक युवाओं ने आपातकाल की बुराइयों पर विचार व्यक्त किए और आपातकाल लागू करने को लोकतंत्र विरोधी कदम बताया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने संविधान हत्या दिवस 25 जून 2025 से निरंतर एक वर्ष तक विभिन्न गतिविधियों के संचालन के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में मध्यप्रदेश में लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान के साथ ही विभिन्न स्पर्धाओं और वैचारिक गोष्ठियों के कार्यक्रम, विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगातार किए जा रहे हैं।
वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानी विभीषण सिंह का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। आयोजक संस्था की ओर से प्रदेश पदाधिकारी वैभव पवार और राष्ट्रीय पदाधिकारी रोहित चहल ने अतिथियों का स्वागत किया और युवा संसद में विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर भोपाल की महापौर मालती राय नगर निगम भोपाल के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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