जेलेंस्की ने यूक्रेन का समर्थन और युद्ध खत्म करने के प्रयासों के लिए ट्रंप का माना आभार
कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने यूक्रेन का समर्थन करने और रूस के साथ युद्ध खत्म करने के प्रयासों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार माना है। जेलेंस्की ने इसे बहुत अच्छी बातचीत बताया और जारी संघर्ष के बीच स्थायी और न्यायपूर्ण शांति हासिल करने में ट्रंप की रुचि का स्वागत किया।
जेलेंस्की ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से बात की है। यूक्रेन का समर्थन करने और हत्याओं को रोकने व एक स्थायी और न्यायपूर्ण शांति स्थापित करने को लेकर मिलकर काम करने की इच्छा के लिए धन्यवाद। ट्रंप ने नाटो महासचिव के साथ अपनी बैठक के बारे में जानकारी साझा की। यह अहम है कि हमारे बीच इतने अच्छे संबंध हैं और गठबंधन देश अपने रक्षा खर्च को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।
जेलेंस्की ने लिखा- हमने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उन जरूरी उपायों और समाधानों पर चर्चा की जिनसे लोगों को रूसी हमलों से बेहतर सुरक्षा मिले और हमारी स्थिति मजबूत हो सके। हम शांति हासिल करने के लिए यथासंभव काम करने को तैयार हैं। हमने भविष्य में फोन पर ज्यादा से ज्यादा बात करने और अपने कदमों का समन्वय करने पर सहमति जताई है। धन्यवाद मिस्टर प्रेसिडेंट! धन्यवाद अमेरिका!
यह टिप्पणी ट्रंप के सोमवार को रूस से तेल, गैस और यूरेनियम आयात करने वाले देशों पर 100 फीसदी का टैरिफ लगाने की धमकी के बाद आई है। ट्रंप ने कहा है कि वह यूक्रेन के साथ युद्ध को खत्म करने में रूस की हठधर्मिता से नाखुश हैं। व्हाइट हाउस में नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ बात करते हुए ट्रंप ने रूस को यूक्रेन के साथ शांति समझौता न करने की स्थिति में दंडात्मक शुल्क लागू करने के लिए 50 दिनों की डेडलाइन दी है। उन्होंने कहा कि हम रूस से नाराज हैं। हम बहुत सख्त टैरिफ लगाने जा रहे हैं। अगर 50 दिनों में कोई समझौता नहीं हुआ, तो करीब 100 फीसदी टैरिफ लगाए जाएंगे, जिन्हें आप सेकेंडरी टैरिफ कह सकते हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने नाटो महासचिव से भी बातचीत की, जिन्होंने उन्हें वाशिंगटन में ट्रंप के साथ हुई बैठक और यूक्रेन को समर्थन देने के लिए यूरोप और अमेरिका के बीच सहयोग के पहलुओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल सिस्टम देने की तत्परता की सराहना करते हैं। अमेरिका, जर्मनी और नॉर्वे पहले से ही इस पर मिलकर काम कर रहे हैं। इसके अलावा हमारे लोगों की जान बचाने और रूसी हमलों को रोकने के लिए अन्य हथियारों की आपूर्ति भी की। शांति और जान बचाने के लिए रूस पर दबाव बढ़ाना जरूरी है। धन्यवाद, मार्क!
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