19 साल की शिवानी का दर्दनाक कदम: हथिनीकुंड बैराज पर बैठकर रोने के बाद नहर में कूदकर दी जान
सहारनपुर: हथिनीकुंड बैराज पर गुरुवार को 19 साल की छात्रा शिवानी ने पश्चिमी यमुना नहर में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद उसका शव नहर से बरामद किया गया। अभी तक आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। परिजन भी इस घटना से सकते में हैं। उन्होंने बताया कि शिवानी के जीवन में ऐसी कोई परेशानी नहीं थी, जिसकी वजह से वह इतना बड़ा कदम उठाती। नहर में छलांग लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शिवानी मजदूरी करने वाले पिता की छह संतानों में तीसरे नंबर की बेटी थी। चार बहनों और दो भाइयों में वह पढ़ाई में सबसे होशियार थी। रोज की तरह गुरुवार को भी उसने घर से कॉलेज जाने की बात कही और सुबह निकल गई। दोपहर तक जब वह वापस घर नहीं लौटी तो किसी को शक नहीं हुआ। शाम होते-होते पुलिस की कॉल आई कि शिवानी ने नहर में छलांग लगा दी है। यह सुनते ही परिवार के लोग बदहवास होकर घटनास्थल पहुंचे।
बैराज पर तीन घंटे बैठकर रोती रही शिवानी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शिवानी दोपहर करीब 12 बजे बैराज पर पहुंची थी। वहां उसने लगभग तीन घंटे तक समय बिताया। कई बार लोगों ने देखा कि वह रो रही है। कुछ लोगों ने उससे वजह पूछी, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। चर्चा यह भी थी कि वह फोन पर किसी से बात कर रही थी, मगर परिजनों ने इसे सिरे से नकार दिया। उनके अनुसार शिवानी के पास मोबाइल फोन था ही नहीं।
समझाते रहे लोग, कुछ नहीं दिया जवाब, लगा दी छलांग
करीब 3 बजे शिवानी नहर की सीढ़ियों की ओर बढ़ी और पानी की तरफ पीठ करके खड़ी हो गई। वहां मौजूद लोगों को अंदेशा हुआ और उन्होंने आवाज लगाकर उसे ऊपर आने को कहा। कुछ ने उसे मनाने की भी कोशिश की, लेकिन शिवानी ने एक शब्द तक नहीं बोला। अचानक उसने बाहें फैलाई और छलांग लगा दी। तेज बहाव के कारण मौके पर मौजूद युवक उसे बचा नहीं पाए।
आधार कार्ड से हुई पहचान, चार घंटे बाद बरामद हुआ शव
घटना के बाद हड़कंप मच गया। बैराज के पास ही शिवानी का बैग पड़ा मिला, जिसमें आधार कार्ड रखा था। उसी आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई और पुलिस ने परिवार को सूचना दी। गोताखोरों और पुलिस की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब चार घंटे बाद, शाम सात बजे शिवानी का शव बैराज से आधा किलोमीटर दूर जाल में फंसा मिला। शव को बाहर निकालकर यमुनानगर सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार को परिजनों को सौंप दिया गया।
परिवार भी समझ नहीं पा रहा आत्महत्या का कारण
शिवानी के मामा विजयपाल ने कहा कि भांजी पढ़ाई में तेज थी और हमेशा कॉलेज जाती थी। घर पर कभी किसी बात को लेकर न तो विवाद हुआ और न ही उसने कभी परेशानी जाहिर की। ऐसे में उसके इस कदम ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
कई एंगल पर पुलिस ने की जांच शुरू
शिवानी की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या वह वास्तव में फोन पर किसी से बात कर रही थी? अगर हां, तो वह कौन था? या फिर कोई और दबाव था, जिसके बारे में उसने किसी को नहीं बताया? फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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