भोपाल में आसान होगा मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना, घर बैठे रजिस्ट्रेशन की सुविधा
भोपाल | मध्य प्रदेश सरकार डिजिटल क्रांति को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दे रही है | इसी क्रम में भोपाल नगर निगम की बैठक में नागरिकों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत अब भोपाल में मैरिज सर्टिफिकेट पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध होंगे | इस नई व्यवस्था के लागू होने से शहर के लोगों को ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे घर बैठे ही विवाह पंजीकरण (मैरिज रजिस्ट्रेशन) के लिए आवेदन करके प्राप्त कर सकेंगे | इस संबंध में निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने अधिकारियों को जल्द से जल्द विवाह पंजीयन की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए हैं |
इस तरह होगी मैरिज सर्टिफिकेट की पूरी प्रक्रिया
नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के अनुसार, भोपाल के नागरिकों को अब विवाह प्रमाण पत्र (मैरिज सर्टिफिकेट) ऑनलाइन प्राप्त हो सकेगा. इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए लोगों को नगर निगम की ऑफिशियल वेबसाइट पर कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होंगे | इसके बाद संबंधित वार्ड के निगम कर्मचारी अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर आवेदक के घर जाकर पंचनामा तैयार करेंगे और दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करेंगे |
घर बैठे मोबाइल से मिलेगा मैरिज सर्टिफिकेट
सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा, जिसे संबंधित व्यक्ति आसानी से डाउनलोड कर सकेंगे. वहीं कमिश्नर जैन ने आगे स्पष्ट किया कि अब नागरिकों को विवाह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए निगम कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी, उन्हें घर बैठे ही मोबाइल के माध्यम से अपना मैरिज सर्टिफिकेट प्राप्त हो जाएगा |
ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
- मैरिज सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए सबसे पहले आपको निगम की वेबसाइट www. bmconline.gov.in पर जाना होगा |
- इसके बाद आपको होमपेज पर सिटीजन सर्विसेज के विकल्प पर क्लिक करना होगा |
- क्लिक करने के बाद आप यहां मैरिज रजिस्ट्रेशन फॉर्म पर जानकारी और दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें |
- डॉक्यूमेंट्स अपलोड होते ही 1100 रुपए ऑनलाइन पेमेंट करना होगा |
ये डॉक्यूमेंट्स लगेंगे
- डिजिटल सर्टिफिकेट प्राप्त के लिए दूल्हा-दुल्हन, माता-पिता और गवाहों के आधार कार्ड. शादी का कार्ड और जहां शादी हुई, वहां का प्रमाण पत्र लगेगा |
- मैरिज शाखा के अधिकारी या कर्मचारी केवल दूल्हा-दुल्हन को ऑफिस बुलाएंगे |
- इसके बाद जोनल अधिकारी और एएचओ आवेदक के घर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे और फिर उन्हे प्रमाणपत्र देंगे |
50 दिन तक कोई भी शिकायत पेंडिंग न हो
इसके अलावा बैठक में कमिश्नर जैन ने अन्य कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत 50 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी शिकायतों का समाधान समय सीमा में किया जाए, वरना संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उन्होंने बड़े बकायेदारों से संपत्ति कर और लीज रेंट की वसूली सख्ती से करने के निर्देश भी दिए.
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