खरगोन के इस गांव में नर्मदा तट पर अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प… जानें क्या है मामला?
खरगोन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन जिले (Khargone district) के सुलगांव में सोमवार को एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार (Last rites.) के दौरान दो पक्षों (Two sides) के बीच बड़ा विवाद उत्पन्न हो गया। यह विवाद नर्मदा नदी के किनारे शव जलाने की जगह को लेकर हुआ था। मामला धीरे-धीरे हिंसक झड़प और पथराव में बदल गया, जिससे पुलिसकर्मी और अन्य स्थानीय लोग घायल हो गए। इस घटनाक्रम में कुल 10 लोग घायल हुए, जिनमें एक पुलिसकर्मी और चौकीदार भी शामिल हैं। घटना के बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार को संपन्न कराया गया।
विवाद की शुरुआत: शवदाह स्थल को लेकर मतभेद
मण्डलेश्वर के थाना प्रभारी पंकज तिवारी के अनुसार, सुलगांव के निवासी मोहन पाटीदार की 90 वर्षीय दादी की मृत्यु के बाद उनके परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए नर्मदा तट पर पहुंचे। हालांकि, जब शव जलाने के लिए स्थान चुना गया, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि शवदाह स्थल नर्मदा नदी से निर्धारित दूरी पर स्थित नहीं है, जो नियमों के खिलाफ है। यह आपत्ति देखते ही देखते कहासुनी में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई।
पथराव और घायलों की संख्या में वृद्धि
स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बनाते हुए, दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी, एक ग्राम चौकीदार और अन्य स्थानीय लोग घायल हो गए। कुल मिलाकर 10 लोग इस हिंसा में चोटिल हुए। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली, मण्डलेश्वर, महेश्वर और कसरावद थानों की पुलिस बल मौके पर भेजा गया और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
मण्डलेश्वर की एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस बल के साथ शांति बनाए रखने के प्रयास किए। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर 19 नामजद और 25 अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। मामले में जांच शुरू कर दी गई है, और पुलिस का कहना है कि इस समय गांव में शांति है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह सक्रिय
महंगाई (इंफ्लेशन) और GDP ग्रोथ पर विस्तार से चर्चा
अचानक आए झटकों से दहशत, घरों से बाहर निकले लोग
जाम से निजात नहीं, चालान काटने पर ज्यादा ध्यान—उठे सवाल
पहाड़ों में सर्दी का कहर, केदारनाथ और यमुनोत्री धाम बर्फ़ से ढके
आजीविका के लिए प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है
युद्धविराम के बावजूद खाड़ी में तनाव जारी, UAE-कुवैत पर हमले और ईरान में विस्फोट
सीजफायर पर भारत की प्रतिक्रिया, अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत
कान में सरसों का तेल डालना: सुरक्षित या खतरनाक?
बिजली विभाग के कर्मियों के काम के बोझ को कम करना लक्ष्य