Simhastha 2028: उज्जैन में बनेगी विश्वस्तरीय टेंट सिटी, तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार
Simhastha 2028 Ujjain : मध्य प्रदेश सरकार की तैयारियां अब नए स्तर पर पहुंच गई हैं। धार्मिक नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ को भव्य, दिव्य और विश्वस्तरीय बनाने के लिए राज्य सरकार तेजी से बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में विश्वस्तरीय टेंट सिटी बनाने का बड़ा ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 फरवरी को गुजरात के कच्छ जिले में आयोजित रण उत्सव का दौरा किया, जहां उन्होंने टेंट सिटी की व्यवस्थाओं को नजदीक से देखा। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उन्होंने जानकारी दी कि सिंहस्थ 2028 उज्जैन में भी रण उत्सव की तर्ज पर आधुनिक टेंट सिटी विकसित की जाएगी। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर ठहराव सुविधाएं मिलेंगी।
सीएम ने यह भी कहा कि प्रदेश के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी टेंट सिटी स्थापित की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर सरकार ने केंद्र से लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की मांग की है। इस बजट से घाट, पुल-पुलिया, सड़क और अन्य निर्माण कार्य किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की योजना भी प्रस्तावित है।
क्षिप्रा नदी के किनारे 29 किलोमीटर लंबे घाट का निर्माण किया जा रहा है, जो शनि मंदिर से नागदा बायपास तक फैलेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2014 के सिंहस्थ में 7.5 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे, जबकि सिंहस्थ 2028 उज्जैन में करीब 15 करोड़ भक्तों के आने का अनुमान है।
भोपाल में क्राइम ब्रांच का छापा, स्विफ्ट डिजायर में भरकर ले जा रहा था अवैध शराब
न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में भारत की बड़ी कामयाबी, एडवांस रिएक्टर ने रचा इतिहास
PM मोदी के आक्रामक कैंपेन से तमिलनाडु में सियासी हलचल, कांग्रेस-DMK पर निशाना
अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति का हवाला दिया
राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह सक्रिय
जबलपुर में गूंजा किसान मुद्दा, मोहन यादव ने खोला घोषणाओं का पिटारा
महंगाई (इंफ्लेशन) और GDP ग्रोथ पर विस्तार से चर्चा
अचानक आए झटकों से दहशत, घरों से बाहर निकले लोग
जाम से निजात नहीं, चालान काटने पर ज्यादा ध्यान—उठे सवाल
पहाड़ों में सर्दी का कहर, केदारनाथ और यमुनोत्री धाम बर्फ़ से ढके