नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार! पश्चिमी सिंहभूम ने बदली अपनी तकदीर, जानें मोस्ट अफेक्टेड सूची से बाहर होने के क्या हैं मायने
Chaibasa Naxal Update के तहत झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले को बड़ी राहत मिली है। 9 फरवरी 2026 को जारी केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में जिले को अति नक्सल प्रभावित श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। अब इसे केवल “डिस्ट्रिक्ट ऑफ कंसर्न” यानी सामान्य नक्सल प्रभावित जिले की श्रेणी में रखा गया है।
पहले पश्चिमी सिंहभूम देश के पांच राज्यों के 12 अति नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल था। नई सूची में अब केवल तीन जिले— Bijapur, Narayanpur और Sukma—ही इस श्रेणी में बचे हैं।
जमीनी स्थिति में सुधार
रिपोर्ट के अनुसार, जिले में पहले 32 थाना और ओपी क्षेत्र नक्सल प्रभावित थे। अब सिर्फ छोटानागरा और जरायकेला थाना क्षेत्र के कुछ हिस्सों में गतिविधियां सीमित हैं। अनुमान है कि करीब 50 नक्सली ही सक्रिय बचे हैं। इनमें पोलित ब्यूरो सदस्य Misir Besra (एक करोड़ रुपये का इनाम) और केंद्रीय कमेटी सदस्य Aseem Mandal शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि लॉजिस्टिक सप्लाई, हथियार और लेवी नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगी है। लगातार संयुक्त अभियानों से नक्सली जंगलों तक सिमट गए हैं।
नौ वर्षों में उल्लेखनीय गिरावट
वर्ष 2016 में झारखंड के 22 जिले नक्सल प्रभावित थे। 2024 तक यह संख्या घटकर 11 रह गई। पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने कहा कि अभियान जारी रहेगा और शेष प्रभावित क्षेत्रों को भी जल्द नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य है।
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