दोहरी नौकरी का खेल खत्म, कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा
उत्तर प्रदेश। से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां एक शख्स ने दो जगहों पर सरकारी विभागों में नौकरी करते पाया गया. मामले का जब खुलासा हुआ तो सब हैरान रह गए. खुलासे के बाद मामला कोर्ट तक पहुंच गया, जहां कोर्ट ने आरोपी को सात साल की सजा और 30 हजार रुपए का जुर्माना वसूलने का आदेश दिया है. दरअसल, यह मामला बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र के नरौली गांव का है. जहां नरौली गांव के रहने वाले जय प्रकाश सिंह फर्जी तरीके से दो जगहों पर नौकरी करते पाए गए. उन पर आरोप है कि फर्जी दस्तावेज बनवाकर अलग-अलग जिलों के दो सरकारी विभागों में नौकरी हासिल कर ली. जिसमें पहली नौकरी साल 1979 में प्रतापगढ़ जिले के स्वास्थ्य विभाग में नॉन-मेडिकल असिस्टेंड के पद पर पाई. वहीं दूसरी नौकरी 1993 में अपने ही जिले बाराबंकी में शिक्षा विभाग में शिक्षक के पद पर पाई. आरोपी ने न सिर्फ दूसरी नौकरी ज्वाईन की, बल्कि दोनों जगहों पर वेतन भी लेता रहा. हैरानी की बात है कि यह सिलसिला करीब 15 सालों तक चलता रहा, लेकिन किसी को भी कानों-कान खबर नहीं हुई।
कैसे हुआ खुलासा ?
साल 2009 में एक युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि जय प्रकाश सिंह ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से दो जगहों पर नौकरी पाई है. पहले तो लगा कि साजिशन रंजिश की वजह से प्रभात सिंह ने जय प्रकाश सिंह पर आरोप लगाया होगा, लेकिन जब आरटीआई के तहत जानकारी मांगी गई, तब चौंकाने वाला खुलासा हुआ. खुलासे के बाद सब हैरान रह गए कि कैसे एक ही आदमी दो सरकारी विभागों ने एक साथ नौकरी कर सकता है।
कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा
जांच में जब दो जगहों पर नौकरी करते पाया गया, तो आरोपी जय प्रकाश सिंह के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी और कूटरचना के जुड़े गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज कर ली. इस दौरान उसे नौकरी से निलंबित कर दिया गया और केस कोर्ट पहुंच गया. कोर्ट में मामला काफी समय तक चला. जिसमें कोर्ट ने गवाहों और जांच के आधार पर सरकारी तंत्र को धोखा देने के आरोप को सही पाया. इस दौरान कोर्ट में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा सिंह की अदालत ने जय प्रकाश सिंह को 7 साल की सजा और 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया. इसके अलावा सरकारी खजाने से लिए गए वेतन की वसूली का भी आदेश दिया।
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