जंग की राह पर ईरान: सैन्य ताकत और रणनीति का खुलासा
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रही जंग ने दुनिया के सुपर पावर्स को कई सबक सिखाया है। ईरान ने अमेरिका और इजारइल के बेहद महंगे और विनाशक हथियारों को बुरी तरह तबाह कर दिया है जिसकी कल्पना किसी ने भी नहीं की थी। दुनिया के तमाम रणनीतिकार यह मानते थे कि अमेरिकी-इजराइली हमले के बाद ईरान कुछ घंटों या दिनों में सरेंडर कर देगा और युद्ध विराम की गुहार लगाएगा, लेकिन ईरान की रणनीति और सैन्य तैयारियों ने दुनिया को चौंका दिया है। इस जंग से दुनिया की तमाम बड़ी ताकतों को बड़ी सीख मिल गई है। इसमें भारत भी शामिल है।
बता दें ईरान के साथ जंग में एक सबसे बड़ी सीख यह मिली है कि मौजूदा वक्त के युद्ध को केवल घातक और विनाशक हथियारों के दम पर नहीं जीता जा सकता। अमेरिका और इजराइल के पास पांचवीं पीढ़ी के सबसे आधुनिक फाइटर जेट एफ-35 और एफ-22, पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, थाड डिफेंस सिस्टम, बी-2 बॉम्बर जैसे कई बार घातक हथियार हैं, लेकिन ईरान की रणनीति के आगे ये हथियार पूरी तरह बेकार साबित हुए इनको ऑपरेटर करने की लागत इतनी है कि यह किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ सकते हैं।
अमेरिका ने ईरान के साथ जंग में यही गलती की है। ईरान ने इस जंग में पहले बेहद सस्ते ड्रोन्स और मिसाइलों से वार किए और अमेरिका ने इन ड्रोन्स को मारने के लिए बेहद महंगी मिसाइलों और डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया। इससे अमेरिका-इजराइल के लिए इन सस्ते ड्रोन्स को मारना बहुत महंगा साबित हुआ। इतना ही नहीं ईरान ने इजराइल और मीडिय ईस्ट के देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमलों की बारिश कर दी। इससे इनको व्यापक स्तर पर मिसाइलों और डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करना पड़ा।
अब एक रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि अमेरिका-इजराइल के पास अब अपनी डिफेंस के लिए मिसाइलें कम बची हैं। पूरी दुनिया के सामरिक मामलों के एक्सपर्ट ईरान की इस रणनीति को जबर्दस्त बता रहे हैं। यूक्रेन के साथ रूस के जंग में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली थी। यूक्रेन ने सस्ते ड्रोन्स के दम पर रूस को भारी सैन्य नुकसान पहुंचाया है। कुल मिलाकर एस-400 जैसे बेहद आधुनिक डिफेंस सिस्टम से हर हवाई खतरे पर वार करना समझदारी नहीं है। एस-400 दुनिया का एक सबसे आधुनिक डिफेंस सिस्टम है और यह 400 किमी दूर के खतरों पर वार कर सकता है। इस डिफेंस सिस्टम को मुख्य रूस से फाइटर जेट्स और खतरनाक मिसाइलों को रोकने के लिए बनाया गया है।
संबोधन की तैयारी: महिला आरक्षण बिल पर देश को आगे की रणनीति बता सकते हैं पीएम मोदी
अभिभावकों को बड़ी राहत: राज्य सरकार ने RTE एडमिशन के लिए दिया 10 दिन का अतिरिक्त समय
ईरान के फैसले का असर: सप्लाई की चिंता खत्म होते ही कच्चा तेल सस्ता, अब भारत पर टिकी सबकी नजर।
कंकाल बन गई जिंदगी: नीमच में कुपोषण और प्रताड़ना की शिकार महिला का रेस्क्यू
World Heritage Day 2026: विरासत के संरक्षण का संकल्प, आइए देखें दुनिया के ये 7 अजूबे।
₹1,00,000 करोड़ का प्रोजेक्ट: मुंबई के गोरेगांव में 10 साल में तैयार होगी 'अदाणी सिटी'।
योगी आदित्यनाथ की हुंकार: घुसपैठियों से मुक्त बंगाल ही मां का सच्चा सपना
18वीं लोकसभा का सातवां सत्र संपन्न: 9 विधेयक पारित, लेकिन संविधान संशोधन बिल अटका
तेहरान के कड़े तेवर: अमेरिकी नाकेबंदी के विरोध में जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी