खामेनेई के बाद फिर गदगद हुए नेतन्याहू, लाइव आकर कहा- आईआरजीसी का गुंडा मार दिया
यरूशलेम। ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण युद्ध के 18वें दिन इजरायल ने एक बड़ा सैन्य दावा करते हुए पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि ईरान के सुरक्षा प्रमुख और डी-फैक्टो लीडर अली लारीजानी को एक सटीक हवाई हमले में मार गिराया गया है। 28 फरवरी को सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु के बाद, लारीजानी ही व्यावहारिक रूप से ईरान की कमान संभाल रहे थे। उनकी मौत को मौजूदा संघर्ष में ईरान के सैन्य और रणनीतिक ढांचे के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक लाइव संबोधन और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस ऑपरेशन की जानकारी साझा की। उन्होंने लारीजानी को आईआरजीसी के गुंडों का बॉस करार देते हुए कहा कि यह कार्रवाई ईरान की कमर तोड़ने वाली साबित होगी। नेतन्याहू ने अपने संबोधन में कहा, आज सुबह हमने अली लारीजानी का खात्मा कर दिया। वह रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का नेतृत्व कर रहे थे, जो वास्तव में गुंडों की एक सेना है। लारीजानी के साथ ही हमने बसीज कमांडर को भी मार गिराया है। ये वे लोग थे जो तेहरान और ईरान के अन्य शहरों में नागरिकों को आतंकित करते थे।
इजरायली रक्षा मंत्रालय और सेना के अनुसार, यह हमला तेहरान स्थित उन सेफ हाउसेस को निशाना बनाकर किया गया था, जहां लारीजानी छिपे हुए थे। खुफिया सूचनाओं के आधार पर किए गए इस सर्जिकल स्ट्राइक में लारीजानी के साथ रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कई अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मारे गए हैं। लारीजानी की मौत न केवल सैन्य ऑपरेशन्स के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम की कमान भी उन्हीं के हाथों में थी, जिससे अब ईरान की रक्षा क्षमताओं पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है।
दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका ने पहले ही ईरान के कई शीर्ष अधिकारियों पर करोड़ों डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था, जिनमें लारीजानी का नाम प्रमुखता से शामिल था। इजरायली मीडिया और अधिकारियों ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि इनाम की घोषणा के बावजूद लारीजानी मुफ्त में ही मारे गए। खामेनेई के बाद लारीजानी की इस तरह अचानक मौत ने ईरान के सत्ता गलियारों में शून्यता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई और तेज हो सकती है, जिससे मध्य पूर्व में युद्ध की आग और भड़कने की आशंका है।
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