मायोन ज्वालामुखी के जागते ही मची अफरा-तफरी, हजारों लोग घर छोड़ने को मजबूर
मनीला: फिलीपींस के अल्बे प्रांत में स्थित प्रसिद्ध मायोन ज्वालामुखी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। रविवार, 3 मई 2026 को ज्वालामुखी के मुख से धधकते लावा और राख के विशाल गुबार निकलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन कदम उठाए हैं। सुरक्षा के लिहाज से ज्वालामुखी के चारों ओर छह किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
अलर्ट स्तर में वृद्धि और व्यापक विस्थापन
ज्वालामुखी की बढ़ती हलचल को देखते हुए विशेषज्ञों ने अलर्ट लेवल को बढ़ाकर पांच में से तीसरे स्तर पर कर दिया है, जो संभावित बड़े विस्फोट की ओर इशारा करता है। इस खतरनाक स्थिति के कारण अब तक लगभग 5 हजार से अधिक ग्रामीणों को अपने घरों को छोड़कर अस्थायी राहत केंद्रों में शरण लेनी पड़ी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लावा के निरंतर प्रवाह और संभावित भूस्खलन के कारण आसपास के रिहायशी इलाकों के लिए खतरा और भी बढ़ सकता है, इसलिए निकासी की प्रक्रिया को और तेज कर दिया गया है।
राख का गुबार और थमी हुई जनजीवन की रफ्तार
मायोन ज्वालामुखी से निकल रही राख ने आसमान को पूरी तरह से ढंक लिया है, जिसके कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों और इमारतों पर राख की मोटी परत जमने की वजह से यातायात पूरी तरह बाधित है और स्थानीय निवासियों को सांस लेने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, स्ट्रोम्बोलियन प्रकार के इन विस्फोटों से रुक-रुककर गैस और मलबे का निकलना जारी है, जिससे वायुमंडल में प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुंच गया है।
ज्वालामुखी की सक्रियता और भविष्य की आशंकाएं
लगभग 2,462 मीटर ऊंचा मायोन ज्वालामुखी अपने बेहद सटीक शंक्वाकार आकार के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन इसका इतिहास विनाशकारी विस्फोटों से भरा रहा है। वर्तमान में हो रहे मध्यम श्रेणी के विस्फोटों के बावजूद भू-वैज्ञानिकों का मानना है कि मैग्मा का दबाव किसी भी वक्त बड़े संकट का रूप ले सकता है। राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए भोजन और दवाइयों का प्रबंध किया गया है, जबकि सुरक्षा बल लगातार प्रतिबंधित क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं ताकि कोई भी व्यक्ति गलती से ज्वालामुखी के करीब न जा सके।
राशिफल 22 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार 2026: घरजियाबथान शिविर में 80 पेंशन आवेदनों का मौके पर ही निराकरण
इंद्रावती पार कर पहुँची स्वास्थ्य टीम 642 ग्रामीणों का स्वास्थ्य किया परीक्षण’
श्रेष्ठ नागरिक बन राष्ट्रीय पुनर्निर्माण में सहभागी बनें विद्यार्थी : मंत्री परमार
स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) के कौशल को किया जाये शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम ने किया सुकमा जिले का दौरा
पशुपालन से बदली प्यारेलाल यादव की जिंदगी’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आह्वान पर गंगा दशहरा पर जन आंदोलन बनेगा “जल गंगा संवर्धन अभियान”
30 जून तक चलाये पैक्स का सदस्यता अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
रेलवे ने यात्रियों को किया आगाह, सफर में बरतें सावधानी