ओसाका में बाढ़ का पानी रोकते हैं महाकाय गेट, इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना
टोक्यो। जापान का ओसाका शहर अपनी गगनचुंबी इमारतों और आधुनिक तकनीक के साथ-साथ एक बेहद अनोखी और अत्याधुनिक इंजीनियरिंग व्यवस्था के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। समुद्र के पास स्थित होने और कई नदियों के जाल के कारण ओसाका में चक्रवात, ऊंचे ज्वार और बाढ़ का जोखिम हमेशा बना रहता है। इस खतरे से निपटने के लिए शहर में बनाए गए विशालकाय फ्लडगेट (बाढ़ रोधी तंत्र) किसी साइंस-फिक्शन फिल्म के दृश्य की तरह नजर आते हैं।
विज्ञान और आधुनिक इंजीनियरिंग का अनूठा संगम
सामान्य दिनों में इन जलमार्गों से पानी का प्रवाह निर्बाध रूप से चलता रहता है, लेकिन तूफान या समुद्री जलस्तर बढ़ने की स्थिति में यह व्यवस्था तुरंत सक्रिय हो जाती है। भारी-भरकम स्टील से बने ये गेट बंद होकर पानी के खिलाफ एक अटूट लोहे की दीवार खड़े कर देते हैं। इन्हें समुद्री लहरों के प्रचंड वेग और भारी दबाव को झेलने के लिए बेहद जटिल और आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों से तैयार किया गया है।
आपदा प्रबंधन और शहर की सुरक्षा ढाल
ओसाका की यह बाढ़ नियंत्रण प्रणाली दशकों के अनुसंधान और सुरक्षा उपायों का परिणाम है। इस विशाल आपदा प्रबंधन व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि यह रोजमर्रा के जीवन को बिना प्रभावित किए पृष्ठभूमि में काम करती है। सामान्य दिनों में अनदेखी लगने वाली यह तकनीक आपात स्थिति आते ही पूरे शहर के लिए एक सुरक्षा कवच बन जाती है और संवेदनशील रिहायशी इलाकों को डूबने से बचाती है।
सिद्धार्थ बाबू की कहानी: निजी नौकरी छोड़ी, UPSC में चमके और बन गए विदेश सेवा अधिकारी
राजनीति से सुरों तक, मलयेशियाई पीएम ने हिंदी गीत गाकर दिल्ली में बांधा समां
डारियो अमोडेई ने उठाया एआई सुरक्षा का मुद्दा, विकास की रफ्तार कम करने की मांग
आज एमपी के 18 जिलों में तेज बारिश के आसार, IMD ने जारी किया मौसम अलर्ट
आरजेडी की उम्मीदवार सूची से नाराज कांग्रेस, बिहार में फिर सामने आई गठबंधन की खटास
ममता बनर्जी के लिए बागी टीएमसी गुट ने खोले दरवाजे, नंदीग्राम में उम्मीदवार नहीं उतारने का ऐलान
ब्रिक्स मंच पर दिखी गर्मजोशी, पीएम मोदी ने सिर्फ एक नेता को लगाया गले
इबोला ने कांगो में मचाई तबाही, 7 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
भारतीय मूल की महिला की हत्या से सनसनी, एयरटैग से पीछा कर घर में घुसा आरोपी
ब्रिक्स ओपन सेशन आज 10:50 बजे, चार देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मिलेंगे पीएम मोदी