नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह का भारत को संदेश, बोले— साथ मिलकर काम करने को उत्सुक
काठमांडू। नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने पदभार संभालने के तुरंत बाद भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि वह दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने के लिए उत्सुक हैं।
35 वर्षीय बालेंद्र शाह, जिन्हें ‘बालेन’ के नाम से भी जाना जाता है, ने शुक्रवार को नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेकर नया इतिहास रचा। रैपर, इंजीनियर और फिर नेता के रूप में उभरे शाह को नेपाल की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव का प्रतीक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शाह को बधाई देते हुए कहा था कि उनका नेतृत्व नेपाल की जनता के विश्वास का प्रतीक है और दोनों देश मिलकर आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। इसके जवाब में शाह ने कहा, आपके स्नेहपूर्ण शब्दों और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं हमारे दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने और साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम करने को उत्सुक हूं।
हालांकि, शाह का राजनीतिक सफर विवादों से भी अछूता नहीं रहा है। वर्ष 2023 में काठमांडू के मेयर रहते हुए उन्होंने फिल्म आदिपुरुष को लेकर विवादित निर्णय लिया था, जिसमें कुछ संवादों के विरोध में बॉलीवुड फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था। बाद में पाटन हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर दिया था। इसके अलावा, ‘ग्रेटर नेपाल’ से जुड़े नक्शे को लेकर भी उनकी आलोचना हुई थी, जिसे कुछ लोगों ने भारत विरोधी रुख के रूप में देखा। हालांकि शाह ने बाद में स्पष्ट किया था कि उनका विरोध किसी देश से नहीं, बल्कि विशेष मुद्दों से संबंधित था। अब प्रधानमंत्री बनने के बाद शाह ने भारत के साथ रिश्तों को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।
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