छोटी बात पर बड़ा झगड़ा, दो बार हुई मारपीट
वाराणसी|सूर्य प्रताप की हॉस्टल के छात्रों में अच्छी पैठ थी और वह अधिकतर समय वहीं बिताता था, जबकि मंजीत बाहरी लड़कों के साथ कैंपस में आता-जाता था। शुक्रवार को सुबह 11 बजे के करीब सूर्य ने उसे देखा और कहा कि शर्ट की बांह मोड़कर आए हो... मंजीत घूरने लगा। फिर मंजीत ने प्राचार्य से मुलाकात की और बाहर निकला तो सूर्य प्रताप सिंह कक्षा नंबर 8 में अपने दो साथियों के साथ वायबा का एसाइनमेंट जमा कर रहा था, तभी पिस्टल लेकर मंजीत ने उसे दौड़ा लिया और पिस्टल की गोलियां उसके सीने में उत्तार दीं।
छात्र सूर्य प्रताप सिंह और आरोपी मंजीत चौहान के बीच दो बार विवाद हो चुका था। आरोप है कि सूर्य प्रताप सिंह समेत अन्य युवकों ने मंजीत की पिटाई की थी। मंजीत पर दोनों बार सूर्य प्रताप सिंह भारी रहा। इससे ही मंजीत काफी आहत रहता था। मंजीत पर शिवपुर थाने में मारपीट मामले में प्राथमिकी भी दर्ज है।
मंजीत चौहान ने तय कर लिया था कि सूर्य प्रताप सिंह को मौत के घाट उतारना है। वारदात से पहले बृहस्पतिवार की रात मंजीत चौहान, अनुज सिंह समेत कुछ अन्य छात्रों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें योजना बनी कि कॉलेज परिसर में ही सूर्य प्रताप सिंह को निशाना बनाना है। शुक्रवार को यूपी कॉलेज में चल रही परीक्षा के बीच हत्या की नीयत से मंजीत चौहान कमर में पिस्टल खोंसकर कैंपस में दाखिल हुआ।
छात्राओं ने मंजीत से गुहार भी लगाई
हमले के दौरान जान बचाने के लिए छात्राओं ने मंजीत से गुहार भी लगाई, लेकिन उसके सिर पर मानो खून सवार था। ताबड़तोड़ सीने में दो गोलियां मारने के बाद मंजीत ने देखा कि औंधे मुंह फर्श पर गिरे सूर्य की धड़कन चल रही है, तो उसने दोबारा कनपटी के पास सटाकर दो गोलियां मार दीं। सुनिश्चित करने के बाद कि सूर्य की मौत हो चुकी है, मंजीत ने बरामदे के बाहर कूड़े के ढेर में पिस्टल फेंकी और सामाजिक विज्ञान संकाय की पहली मंजिल की छत से कूदकर भाग निकला। एलआईयू और क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि सूर्य और मंजीत दोनों कैंपस के बाहर रहते थे।
इकलौता बेटा तो चला गया, आरोपी का होना चाहिए एनकाउंटर
सूर्य के पिता ऋषिदेव सिंह ने बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मीडिया से कहा कि मेरा तो इकलौता बेटा चला गया। पुलिस से मांग है कि आरोपी का एनकाउंटर हो, तभी शव का अंतिम संस्कार करेंगे। लखनऊ से सीधे पहुंचे ऋषिदेव सिंह ने कहा कि अंतिम बार बेटे से बृहस्पतिवार की सुबह बातचीत हुई थी। इकलौते बेटे के साथ मेरा सब कुछ चला गया। उधर, देर रात हरिश्चंद्र घाट पर छात्रों और पुलिस की मौजूदगी में सूर्य प्रताप सिंह का अंतिम संस्कार हुआ।
ग्रुप 1818 से जुड़ा था मंजीत, हत्या से पहले ही इंस्टाग्राम पर खुद को घोषित किया माफिया यूपी कॉलेज में बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या से पहले ही मंजीत सिंह चौहान ने इंस्टाग्राम पर खुद को माफिया घोषित कर दिया था और साथ में गन शॉट की इमोजी भी लगाई थी। इसके समर्थन में उसके दो दोस्तों ने भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मंजीत का स्टेटस लगाकर उसे बधाई दी थी। हत्या के बाद भी ये स्टेटस नहीं हटाए गए।
उसके दोनों दोस्तों के नाम के आगे भी 1818 का कोड लिखा था। स्कॉर्पियो से घूमने, पार्टी, जिम करने से लेकर जेल से छुड़ाकर साधी को लेकर आने की भी तस्वीरों में ग्रुप 1818 ही लिखकर शेयर किया जाता था। पुलिस अब इंस्टाग्राम के वीडियो और पोस्ट को खंगाल रही है ताकि हत्या से जुड़े हर पहलुओं को खोला जा सके। राजपूत मंजीत 1818 नाम से बने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ये स्टेटस शेयर किया गया था। घटना को अंजाम देने से पहले ही रात में स्टेटस लगा था।
मोबाइल की सीडीआर और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही हैं। आरोपी मंजीत की गिरफ्तारी के बाद उसके सहयोगी आरोपी अनुज सिंह की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं, वहीं पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रमोद कुमार, डीसीपी वरुणा जोन
यह था मामला
यूपी कॉलेज के कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय की गैलरी में बीएससी फोर्थ सेमेस्टर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23) की शुक्रवार सुबह 11 बजे क्लासरूम के सामने सीने और सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। सात राउंड फायरिंग के बाद आरोपी बीए का छात्र मंजीत चौहान सामाजिक विज्ञान के बरामदे में पिस्टल फेंककर भाग निकला।
सूर्य प्रताप सिंह के सिर और सीने में 4 गोलियां लगी हैं। सूर्य के दोस्त उत्कर्ष की तहरीर के आधार पर शिवपुर थाने की पुलिस ने लालपुर-पांडेयपुर के चांदमारी निवासी आरोपी मंजीत चौहान और अनुज सिंह के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
अनुज सिंह हत्यारोपी मंजीत का मददगार है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से तीन कारतूस बरामद किए हैं। पोस्टमार्टम के दाैरान सूर्य प्रताप सिंह के शरीर से चार गोलियां निकली हैं। दूसरी तरफ, आरोपी मंजीत चौहान को छह घंटे के अंदर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जांच और दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छह टीमें लगाई गई हैं।
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