कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाने की साजिश? आतंकी प्रॉक्सी ने लीक की निजी जानकारी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को लेकर आतंकी संगठन की नई धमकी सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। लश्कर-ए-तोएबा के ऑनलाइन प्रॉक्सी फ्रंट 'यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल' (ULC) द्वारा जारी इस धमकी के बाद घाटी में प्रधानमंत्री विशेष पैकेज के तहत कार्यरत सात हजार से अधिक कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
निजी जानकारी लीक होने से बढ़ा कर्मचारियों में खौफ
खतरे की गंभीरता इस बात से अधिक बढ़ गई है कि आतंकी संगठन ने धमकी के साथ-साथ कई कर्मचारियों की अति-संवेदनशील निजी जानकारी भी सार्वजनिक कर दी है। इसमें कर्मचारियों के नाम, उनके आवासीय पते और वाहनों के पंजीकरण नंबर तक शामिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद से कश्मीरी पंडित कर्मचारियों और उनके परिवारों में भारी डर का माहौल है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों पर इन कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भारी दबाव बन गया है।
सुरक्षा के लिए हथियार देने की कवायद का आतंकी संगठन ने किया विरोध
यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल ने कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को आत्मरक्षा के लिए हथियार मुहैया कराने के प्रशासनिक प्रयासों का कड़ा विरोध किया है। आतंकी समूह ने तर्क दिया है कि कर्मचारियों को हथियार देने से वे आतंकवाद विरोधी अभियानों में आसान निशाना बन जाएंगे। जानकारों का मानना है कि इस तरह की धमकियों के जरिए आतंकी संगठन घाटी में वापस लौटे कश्मीरी पंडितों और स्थानीय निवासियों के बीच अविश्वास और खाई पैदा करने की साजिश रच रहे हैं। यूएलसी और टीआरएफ (TRF) जैसे संगठन ऑनलाइन धमकियों का सहारा लेकर मनोवैज्ञानिक युद्ध (साइकोलॉजिकल वॉरफेयर) चला रहे हैं।
लोन-वुल्फ हमलों और घुसपैठ की साजिश: सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, ऑनलाइन धमकियां देकर सनसनी फैलाना आतंकियों की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है ताकि सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान मुख्य खतरे से भटकाया जा सके। नियंत्रण रेखा (LoC) के पार बने लॉन्चपैड्स पर लगभग 1,000 आतंकवादी मौजूद हैं जो जम्मू-कश्मीर के घने जंगलों के रास्ते घुसपैठ की फिराक में हैं। पाकिस्तान स्थित आतंकी आका स्थानीय स्तर पर अपना सूचना तंत्र मजबूत करने की कोशिश में हैं। उनका मकसद गोपनीय जानकारी जुटाकर धार्मिक अल्पसंख्यकों और गैर-स्थानीय मजदूरों को 'लोन-वुल्फ' (अकेले हमला करने वाले आतंकी) हमलों के जरिए निशाना बनाना है।
यूपीआआई के बावजूद क्रेडिट कार्ड क्यों हैं खास? जानें उनके नए फायदे!
तेल आपूर्ति पर मंडराया बड़ा संकट, होर्मुज के बाद बाब अल-मंडेब में हूतियों का दबदबा
सागर शराब कांड में पुलिस की कार्रवाई, 30 हजार के इनामी आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ा
परिवारवाद के मुद्दे पर मायावती ने दी सफाई, भाई आनंद कुमार को लेकर कही बड़ी बात
भारत मंडपम के बाहर जुटे तिब्बती यूथ कांग्रेस के सदस्य, पुलिस ने 50 से अधिक को हिरासत में लिया
एमपी में स्वाइन फ्लू का कहर, भोपाल में एच1एन1 मरीज ने दम तोड़ा
सिद्धार्थ बाबू की कहानी: निजी नौकरी छोड़ी, UPSC में चमके और बन गए विदेश सेवा अधिकारी
राजनीति से सुरों तक, मलयेशियाई पीएम ने हिंदी गीत गाकर दिल्ली में बांधा समां
डारियो अमोडेई ने उठाया एआई सुरक्षा का मुद्दा, विकास की रफ्तार कम करने की मांग