हल्दीराम, बीकाजी से डरी अमेरिकी कंपनी पेप्सिको, टाटा से मिलाया हाथ
नई दिल्ली। भारत के पैकेज्ड स्नैक्स मार्केट में दिग्गज कंपनियों को घरेलू कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच अमेरिका की दिग्गज कंपनी पेप्सिको और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने पैकेज्ड स्नैक्स विकसित करने और बेचने के लिए हाथ मिलाया है। इससे पहले दोनों कंपनियों ने बेवरेज मार्केट में एक जॉइंट वेंचर नौरिसको बनाया था, लेकिन इस चार साल पहले खत्म कर दिया था।
नई डील के मुताबिक पेप्सिको के कुरकुरे स्नैक ब्रांड को टाटा कंज्यूमर के चिंग्स सीक्रेट के साथ जोड़ा जाएगा। टाटा ग्रुप ने कुछ साल पहले चिंग्स सीक्रेट का अधिग्रहण किया था। नौयरिशको बेवरागेज्स एक जॉइंट वेंचर था लेकिन स्नैक्स मार्केट में दोनों की पार्टनरशिप एक कोलाबोरेशन है। पेप्सिको और टाटा कंज्यूमर ने साल 2010 में नौयरिशको बेवरागेज्स नाम से एक 50:50 जॉइंट वेंचर बनाया था, लेकिन एक दशक बाद टाटा कंज्यूमर ने इसमें पेप्सिको की हिस्सेदारी खरीद ली थी। पेप्सिको इंडिया की कुरकुरे और डोरिटोस की मार्केटिंग डायरेक्टर आस्था भसीन ने टाटा के साथ पार्टनरशिप को माइलस्टोन कोलाबोरेशन बताया और कहा कि भारत में फ्यूजन फ्लेवर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
एक सूत्र ने बताया कि कंज्यूमर रिस्पॉन्स के आधार पर कंपनियों के पोर्टफोलियो के भीतर अन्य उत्पादों के लिए साझेदारी को बढ़ाया जा सकता है। पेप्सिको का कुरकुरे का बाजार एक हजार करोड़ का है। कंपनी के स्नैक्स पोर्टफोलियो में लेज चिप्स और डोरिटोस नाचोस शामिल हैं। साल्ट-टू-स्टेपल कंपनी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने पिछले साल जनवरी में 5,100 करोड़ रुपए में चिंग्स सीक्रेट और स्मिथ एंड जोन्स नूडल्स और मसालों के निर्माता कैपिटल फूड्स का अधिग्रहण किया था।
पेप्सिको और टाटा ऐसे समय एक साथ आए हैं जब एथनिक पैकेज्ड स्नैक्स मार्केट में घरेलू और डी2सी कंपनियों की भरमार है। भारत का स्नैक्स मार्केट 42,695 करोड़ रुपए का है और सालाना 20 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा है। पैकेज्ड स्नैक्स के मार्केट में पेप्सिको के अलावा आईटीसी, पारले प्रोडक्ट्स, कॉर्निटोस, क्रैक्स बनाने वाली डीएफएम फूड्स, हल्दीराम, बीकानेरवाला, बालाजी स्नैक्स, बीकाजी फूड्स और प्रताप स्नैक्स जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।
इस कैटगरी में कई रीजनल और डी2सी कंपनियां भी शामिल हैं। रीजनल ब्रांड्स की कीमत कम है और वे हाई रिटेल मार्जिन पर सीधे डिस्ट्रिब्यूट करते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय स्नैक्स बाजार की बिक्री साल 2032 तक 95,521.8 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है, जो 2023 से दोगुना होगी। यही वजह है कि पेप्सिको भारत के बाजार में बड़ा दांव खेलना चाहती है। उसने देश की सबसे बड़ी एथनिक स्नैक्स कंपनी हल्दीराम स्नैक्स फूड में माइनोरिटी स्टेक खरीदने के लिए बातचीत शुरू कर दी है।
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