‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ के साथ प्रभावी व सफल नौसैनिक नाकेबंदी भी जारी
वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ अपने युद्धविराम को बढ़ा दिया है, जबकि व्यापक नौसैनिक नाकेबंदी जारी है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि बातचीत के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लीविट ने कहा कि अमेरिका दोहरी रणनीति अपना रहा है सैन्य हमलों को रोकते हुए वित्तीय और समुद्री प्रतिबंधों को और कड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम के विस्तार की घोषणा की है…और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के कारण पूरी तरह बदनाम हो चुके एक शासन को उदारता से कुछ लचीलापन भी दिया है।
उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई में विराम का मतलब दबाव में कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सैन्य और प्रत्यक्ष हमलों पर युद्धविराम है लेकिन ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ जारी है और प्रभावी व सफल नौसैनिक नाकेबंदी भी जारी है। इस नाकेबंदी से ईरान को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। लीविट ने कहा कि हम इस नाकेबंदी के जरिए उनकी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह जकड़ रहे हैं…उन्हें रोज़ 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है और ईरान तेल की खेप भेजने या भुगतान बनाए रखने में असमर्थ है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि आर्थिक दबाव बढ़ने के बावजूद, प्रशासन ने बातचीत के लिए कोई समय-सीमा तय करने से परहेज किया है। राष्ट्रपति ने कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की है… अंततः समय-सीमा का निर्धारण कमांडर-इन-चीफ द्वारा किया जाएगा और बातचीत के लिए कम समय होने की खबरों को खारिज किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या युद्धविराम या नाकेबंदी अनिश्चित काल तक जारी रहेगी, तो लीविट ने जवाब देने से इनकार कर दिया और कहा कि राष्ट्रपति ही तय करेंगे कि “कब उन्हें लगे कि यह संयुक्त राज्य अमेरिका और अमेरिकी जनता के हित में है।”
उन्होंने कहा कि अमेरिकी वार्ताकार पहले ही ईरानी समकक्षों से सीधे संपर्क कर चुके हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि अंततः निर्णय लेने का अधिकार किसके पास है। प्रशासन के रुख का बचाव करते हुए लीविट ने कहा कि वॉशिंगटन के पास बढ़त है। उन्होंने कहा कि इस समय सभी पत्ते राष्ट्रपति ट्रंप के हाथ में हैं… ईरान बहुत कमजोर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि संकट के दौरान राष्ट्रपति के सार्वजनिक बयानबाजी से बातचीत पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप अपनी मांगों और ‘रेड लाइन्स’ को लेकर बहुत स्पष्ट रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन विमानन क्षेत्र के घटनाक्रमों पर नजर रख रहा है, खासकर स्पिरिट एयरलाइंस के संभावित राहत पैकेज की खबरों के बीच, लेकिन इस पर कोई विवरण नहीं दिया।
इराक से वेस्ट बैंक तक हिंसा, धमाकों और गोलीबारी से फिर भड़का तनाव
बैठक खत्म, सहमति नहीं; कल फिर आमने-सामने होंगे सरकार और CJP
अस्पताल में सेवाएं प्रभावित, 21 कर्मचारियों की नौकरी जाने पर बढ़ा विवाद
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, विवाहित बेटियों को भी मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार
समुद्र में शक्ति प्रदर्शन! चीन-फिलीपींस विवाद ने फिर बढ़ाया क्षेत्रीय तनाव
तृतीय सोपान एवं निपुण टेस्टिंग कैंप का आगाज, स्काउट्स-गाइड्स करेंगे हुनर का प्रदर्शन
प्रदर्शन के बीच दिल्ली में सख्ती, इंटरनेट पर पाबंदी और मेट्रो सेवाएं प्रभावित
सड़क किनारे बैठे परिवार पर चढ़ी पिकअप, महिला की मौत से मचा हड़कंप
वकीलों की CJI से गुहार, पीएम आवास के पास प्रदर्शन पर जताई चिंता
फैन की दीवानगी देख हैरान हुईं काजल अग्रवाल, सालों बाद सुनाया दिलचस्प किस्सा