पटोरी स्टेशन पर जोखिम भरा मंजर: ट्रेन से बचाए गए 4 लोग
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले के पटोरी रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया, जहाँ चार लोग चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के बेहद संकरे अंतर में फंस गए। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले वाकये के दौरान ट्रेन के करीब दस डिब्बे उनके ऊपर से गुजर गए और वे चारों जिंदगी की जंग जीतने के लिए वहीं पटरी के किनारे दुबक कर बैठे रहे। ट्रेन के पूरी तरह निकल जाने के बाद ही वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। यह खतरनाक स्थिति तब पैदा हुई जब प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन के ठीक आगे से तीन महिलाएं और एक मासूम बच्ची रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रही थीं और इसी बीच अचानक ट्रेन रवाना हो गई, जिससे बचने के लिए उन्हें तुरंत प्लेटफॉर्म की दीवार से सटकर बैठना पड़ा।
ट्रैक पार करते समय अचानक चल पड़ी ट्रेन और हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कुल नौ लोगों का एक समूह एक साथ शॉर्टकट अपनाने के चक्कर में रेलवे लाइन को पार कर रहा था। इनमें से पांच सदस्य तो तेजी दिखाते हुए सुरक्षित तरीके से दूसरी तरफ पहुंच गए, लेकिन तीन महिलाएं और एक बच्ची पीछे ही छूट गईं। उसी पल बिना किसी चेतावनी के ट्रेन अचानक आगे की ओर बढ़ गई, जिससे चारों यात्री पटरी और प्लेटफॉर्म के बीच के जानलेवा जाल में फंस गए। हालांकि इस पूरी घटना में चारों की जान तो चमत्कारिक रूप से बच गई, लेकिन ट्रेन की रफ्तार और झटके की वजह से तीनों महिलाएं गंभीर रूप से चोटिल हो गईं।
शादी के जश्न से लौट रहे परिवार की पहचान और मची अफरा-तफरी
इस दर्दनाक हादसे का शिकार हुई महिलाओं की पहचान रोसड़ा की रहने वाली ममता देवी (48 वर्ष), जयमाला देवी (45 वर्ष) और सोनाली कुमारी (20 वर्ष) के रूप में की गई है। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे सभी लोग एक नजदीकी रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने के बाद खुशी-खुशी अपने घर वापस लौट रहे थे। वे ऑटो रिक्शा में सवार होकर पटोरी स्टेशन के पास स्थित रेलवे गुमटी तक पहुंचे थे और वहां से पैदल ही पटरियां लांघने लगे, तभी खुशियों का यह सफर अचानक चीख-पुकार में बदल गया और पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
स्थानीय लोगों की तत्परता से अस्पताल में इलाज और खौफ का साया
हादसे के तुरंत बाद स्टेशन पर मौजूद स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने अदम्य साहस और समझदारी का परिचय देते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने घायल महिलाओं को बिना वक्त गंवाए पटोरी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए और प्राथमिक उपचार करने के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि यह उनकी खुशकिस्मती थी कि इस भयानक मंजर के बाद भी चारों सुरक्षित हैं, लेकिन इस जानलेवा घटना के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे और खौफ के साए में जीने को मजबूर है।
राशिफल 21 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
लाल आतंक से विकास की ओर बढ़ता दारेली
सीएचसी पलारी के लैब में जांच सुचारू रूप से संचालित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से की भेंट
ग्रामीण विकास में रोजगार सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका, राज्य सरकार इनके हित की चिंता करेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जहाँ राशन और जरूरतों के लिए भी तय करना पड़ता है 40 किलोमीटर का सफर… वहाँ पहुँची उपचार की दस्तक
विधानसभा को ‘पेपरलेस’ करने के कार्यों में आएगी तेजी
कौशल प्रशिक्षण से बढ़ रहा बेटियों का आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ रहे कदम
जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनसे 28 मई तक गेहूं खरीदेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कतियाररास समाधान शिविर में हितग्राहियों को मिले आयुष्मान कार्ड