GT की जीत के बाद प्लेऑफ का गणित बदला, SRH-RCB पर सबकी निगाहें
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 अब अपने सबसे रोमांचक और अंतिम पड़ाव पर आ पहुंचा है। आगामी 31 मई को इस सीजन का खिताबी मुकाबला खेला जाना है, लेकिन टूर्नामेंट के इतिहास में ऐसा पहली बार देखा जा रहा है जब अंतिम दौर में भी प्लेऑफ की चौथी टीम का फैसला नहीं हो सका है। इसके साथ ही, अंक तालिका (पॉइंट्स टेबल) के शीर्ष दो स्थानों पर रहने के लिए भी टीमों के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। गुजरात टाइटंस ने हाल ही में चेन्नई सुपर किंग्स को धूल चटाकर टॉप-2 में अपनी जगह पक्की कर ली है, लेकिन दूसरे पायदान के लिए आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच आर-पार की लड़ाई होनी है। आरसीबी अगर आज जीतती है तो वह शीर्ष दो में रहकर प्लेऑफ का टिकट कटाएगी, जबकि हैदराबाद को शीर्ष दो में जाने के लिए न सिर्फ मैच जीतना होगा, बल्कि नेट रन रेट के एक बेहद कठिन समीकरण को भी पार करना होगा।
टॉप-2 की जंग: क्या है आरसीबी और हैदराबाद का समीकरण?
गुजरात टाइटंस ने पांच सीजन में तीसरी बार शीर्ष दो में फिनिश कर एक नया कीर्तिमान रचा है। वहीं, आज शाम 7:30 बजे हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद और आरसीबी के बीच होने वाला मुकाबला दूसरी टीम की किस्मत तय करेगा।
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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: आरसीबी फिलहाल 13 मैचों में 18 अंकों के साथ मजबूत स्थिति में है और उसका नेट रन रेट +1.065 है।
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सनराइजर्स हैदराबाद: हैदराबाद की टीम 13 मैचों में 16 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है और उसका नेट रन रेट +0.350 है।
हैदराबाद को टॉप-2 में आने के लिए करना होगा यह 'चमत्कार':
(यदि पहली पारी का औसत स्कोर 200 रन माना जाए)
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पहले बल्लेबाजी करने पर: अगर सनराइजर्स हैदराबाद पहले खेलते हुए 200 रन बनाती है, तो उसे आरसीबी को कम से कम 87 रनों के बड़े अंतर से हराना होगा।
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बाद में बल्लेबाजी करने पर: यदि हैदराबाद लक्ष्य का पीछा करती है, तो उसे आरसीबी द्वारा दिए गए टारगेट को महज 11 ओवरों के भीतर हासिल करना होगा।
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यदि स्कोर बराबर होने के बाद हैदराबाद छक्का लगाकर मैच जीतती है, तो वह अधिकतम 11.3 ओवर तक भी इस लक्ष्य को पाकर टॉप-2 में आ सकती है। अगर हैदराबाद इन आंकड़ों के साथ नहीं जीतती है, तो मैच जीतने के बावजूद आरसीबी ही टॉप-2 में बनी रहेगी।
टॉप-2 में रहने का फायदा: धर्मशाला में क्वालिफायर-1 खेलने का मौका
जो भी टीम आज दूसरे स्थान पर कब्जा करेगी, उसे 26 मई को धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर गुजरात टाइटंस के खिलाफ 'क्वालिफायर-1' खेलने का सुनहरा अवसर मिलेगा। क्वालिफायर-1 का नियम है कि इसे जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचती है, जबकि हारने वाली टीम को 'क्वालिफायर-2' के रूप में फाइनल में जाने का एक और जीवनदान मिलता है। यही वजह है कि दोनों टीमें टॉप-2 में रहने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं।
प्लेऑफ के चौथे स्पॉट की रेस: राजस्थान, पंजाब और कोलकाता में त्रिकोणीय मुकाबला
टूर्नामेंट की तीसरी टीम का निर्धारण लगभग तय होने के बाद चौथे स्थान के लिए राजस्थान रॉयल्स (RR), पंजाब किंग्स (PBKS) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच दिलचस्प गणित बन रहा है। आइए जानते हैं इन टीमों के प्लेऑफ का पूरा समीकरण:
1. राजस्थान रॉयल्स बनाम मुंबई इंडियंस (24 मई, मुंबई)
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सीधा रास्ता: राजस्थान रॉयल्स अगर मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपना आखिरी लीग मैच जीत जाती है, तो वह सीधे 16 अंकों के साथ प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर जाएगी।
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हारने की स्थिति में: अगर राजस्थान हार जाती है, तो उसे दुआ करनी होगी कि लखनऊ सुपर जाएंट्स पंजाब किंग्स को हरा दे और दिल्ली कैपिटल्स कोलकाता नाइट राइडर्स को शिकस्त दे। इस समीकरण में राजस्थान 14 अंकों के साथ भी नेट रन रेट के आधार पर आगे बढ़ जाएगी, क्योंकि पंजाब और कोलकाता 13-13 अंकों पर ही सिमट जाएंगे।
2. पंजाब किंग्स बनाम लखनऊ सुपर जाएंट्स (23 मई, लखनऊ)
पंजाब किंग्स को बिना किसी गुणा-भाग के अंतिम चार में जगह बनाने के लिए इन तीन नतीजों की जरूरत होगी:
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पंजाब की टीम लखनऊ सुपर जाएंट्स को अपने मैच में हरा दे।
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मुंबई इंडियंस अपने मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को मात दे।
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दिल्ली कैपिटल्स की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स को हरा दे।
3. कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का समीकरण
केकेआर की टीम बिना किसी नेट रन रेट के पचड़े में फंसे तभी क्वालिफाई कर सकती है जब:
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लखनऊ की टीम पंजाब किंग्स को हरा दे।
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मुंबई इंडियंस की टीम राजस्थान रॉयल्स को पराजित कर दे।
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केकेआर खुद दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपना अंतिम मैच बड़े अंतर से जीत ले।
यदि पंजाब और कोलकाता दोनों अपने मैच जीत जाएं तो?
ऐसी स्थिति में यदि पंजाब और कोलकाता दोनों अपने-अपने मैच जीत जाते हैं और राजस्थान भी अपना मैच हारकर 14 अंकों पर अटक जाती है, तो फैसला नेट रन रेट पर आएगा।
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वर्तमान में पंजाब का नेट रन रेट +0.227 और केकेआर का +0.011 है।
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अगर पंजाब लखनऊ को 10 रन से हराती है, तो उसका नेट रन रेट +0.246 हो जाएगा। ऐसे में केकेआर को पंजाब से आगे निकलने के लिए दिल्ली कैपिटल्स को कम से कम 61 रनों से हराना होगा या फिर लक्ष्य को 13.5 ओवरों में हासिल करना होगा।
क्या दिल्ली कैपिटल्स के लिए कोई उम्मीद बची है?
दिल्ली कैपिटल्स के लिए भी गणितीय रूप से एक बेहद धुंधली संभावना मौजूद है। इसके लिए दिल्ली को केकेआर को एक अकल्पनीय बड़े अंतर से हराना होगा और यह प्रार्थना करनी होगी कि राजस्थान और पंजाब दोनों अपने-अपने आखिरी मैच हार जाएं।
हालांकि, दिल्ली का बेहद खराब नेट रन रेट (-0.871) उनकी सबसे बड़ी रुकावट है। उदाहरण के लिए, यदि मुंबई इंडियंस राजस्थान रॉयल्स को 100 रनों से हरा देती है, तब भी राजस्थान का नेट रन रेट गिरकर -0.308 होगा। इस स्थिति में भी दिल्ली को राजस्थान से आगे निकलने के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स को कम से कम 129 रनों के अंतर से शिकस्त देनी होगी, जो क्रिकेट के मैदान पर लगभग असंभव नजर आता है।
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