पुलिस में अनुशासनहीनता, प्रशासन ने ली सख्त कार्रवाई
सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में पुलिसिया बर्बरता और भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में बड़ी गाज गिरी है। एक बीपीएससी (BPSC) अभ्यर्थी को आधी रात को गैर-कानूनी तरीके से घर से उठाने, बेरहमी से प्रताड़ित करने और फिर रिश्वत लेकर छोड़ने के आरोप में महिला सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) शिल्पी कुमारी को सस्पेंड कर दिया गया है। सहरसा के पुलिस अधीक्षक (SP) हिमांशु ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी महिला दारोगा पर तत्काल प्रभाव से यह निलंबन की कार्रवाई की है, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
बिना किसी वारंट के आधी रात को छात्र का अपहरण, थाने में अपराधियों की तरह पीटा
मामला बीती 16 मई की रात का है, जब बलवाहाट थाने में तैनात एसआई शिल्पी कुमारी ने बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव में छापेमारी कर बीपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र प्रवेश कुमार को उसके घर से जबरन उठा लिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस के पास छात्र के खिलाफ न तो कोई शिकायत थी और न ही कोई गिरफ्तारी वारंट। इसके बावजूद उसे अपराधियों की तरह थाने ले जाया गया और बेरहमी से उसकी पिटाई की गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
छोड़ने के बदले 50 हजार की डिमांड, 10 हजार रुपये रिश्वत लेकर किया रिहा
इस पूरे वाकये में पुलिस की कार्यशैली पर सबसे बड़ा दाग तब लगा जब परिजनों ने अवैध वसूली का सनसनीखेज आरोप लगाया। परिजनों के अनुसार, लॉकअप में बंद प्रवेश कुमार को छोड़ने के एवज में महिला दारोगा द्वारा 50,000 रुपये की मांग की गई थी। काफी मिन्नतें करने के बाद आखिरकार 10,000 रुपये की घूस लेकर छात्र को थाने से रिहा किया गया। इस घटना के बाद से ही पुलिस की छवि को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा था।
थानाध्यक्ष भी थे अनजान, सरकारी रोजनामचे (डायरी) में नहीं थी कोई एंट्री
मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह सामने आया है कि बलवाहाट थाना प्रभारी (थानाध्यक्ष) राजू कुमार को इस पूरी कार्रवाई की भनक तक नहीं थी। जब रिकॉर्ड की जांच की गई, तो पता चला कि थाने की स्टेशन डायरी (रोजनामचा) में छात्र को हिरासत में लेने या उसके खिलाफ किसी भी तरह का केस दर्ज होने का कोई जिक्र नहीं था। इससे यह साफ हो गया कि महिला सब-इंस्पेक्टर ने पूरी तरह अपनी मनमानी करते हुए निजी स्वार्थ के लिए इस वारदात को अंजाम दिया।
एसडीपीओ करेंगे विस्तृत जांच, एसपी ने दी सख्त लहजे में चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हिमांशु ने सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ (SDPO) मुकेश कुमार ठाकुर को पूरे प्रकरण की गहनता से विभागीय जांच करने के आदेश दिए हैं। एसडीपीओ ने बताया कि मीडिया में मामला उछलने के बाद शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर निलंबन किया गया है और अब विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। वहीं, एसपी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि वर्दी का दुरुपयोग करने वाले और खाकी को बदनाम करने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
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