कीमती धातुओं में तेजी, निवेशकों की नजर फेड के फैसलों पर
नई दिल्ली। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी की कीमतों में मंगलवार को तेजी देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और पश्चिम एशिया के हालात को लेकर बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने फिर से बुलियन में खरीदारी बढ़ाई। चांदी की कीमत 3000 रुपये बढ़कर 2.59 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 860 रुपये बढ़कर 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
एमसीएक्स पर सोने-चांदी में दिखी तेजी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 9:41 पर 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोने 1,061 रुपए या 0.68 प्रतिशत बढ़कर 1,56,797 रुपए प्रति 10 ग्राम पर है। अब तक के कारोबार में सोने ने 1,56,649 का न्यूनतम स्तर और 1,56,996 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है, जो दिखाता है कि सोना तेजी के साथ, लेकिन एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। दूसरी तरफ, 5 मई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में चांदी 3,353 रुपए या 1.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,59,885 रुपए पर कारोबार कर रही थी। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,58,338 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,61,457 रुपए का उच्चतम स्तर छूआ।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का भाव
एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड की कीमत मामूली बढ़त के साथ करीब 5,008 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। वहीं स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.21% गिरकर लगभग 80.5 डॉलर प्रति औंस पर रही। विशेषज्ञों के मुताबिक, सोमवार को गिरावट के बाद तेल कीमतों में फिर हल्की बढ़त देखने को मिली। निवेशक एक ओर आपातकालीन तेल भंडार जारी करने की संभावनाओं पर नजर रख रहे हैं, तो दूसरी ओर ऊर्जा ढांचे पर बढ़ते हमलों के जोखिम का भी आकलन कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स करीब 0.6% कमजोर हुआ, जिससे सोने को कुछ सहारा मिला।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव
इस बीच अमेरिका, इस्राइल और ईरान से जुड़े संघर्ष को अब तीन सप्ताह हो चुके हैं। सोमवार को ईरान ने फारस की खाड़ी क्षेत्र में कई जगह हमले किए, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात का एक प्रमुख तेल केंद्र और एक बड़ा गैस फील्ड भी शामिल था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए अन्य देशों से सहयोग की अपील की है, जहां से गुजरने वाली तेल आपूर्ति लगभग ठहर गई है। साथ ही ट्रंप ने ईरान के खार्ग द्वीप स्थित अहम तेल बुनियादी ढांचे पर हमले बढ़ाने की चेतावनी भी दी है।
फेड के फैसलों पर निवेशकों की नजर
अमेरिकी फेड की ब्याज दरों को लेकर दो दिवसीय बैठक 17 मार्च से शुरू हो रही है और इसके फैसलों का एलान 18 मार्च को किया जाएगा। मौजूदा समय में युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों के चलते इस बार की फेड बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। बता दें, बीते कुछ महीनों में सोने और चांदी में आई तेजी की एक बड़ी वजह ब्याज दरों में कटौती होना था। अगर इस बैठक में फेड ब्याज दरों को स्थिर रखता है या कच्चे तेल में तेजी के कारण महंगाई बढ़ने के संकेत देता है तो यह सोने और चांदी के लिए नकारात्मक हो सकता है। ऐसे में इस बैठक से पहले निवेश सर्तक बने हुए हैं।
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