जनता सड़कों पर, कुशनर के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन तेज
तिराना। अल्बानिया में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर की प्रस्तावित निवेश परियोजना के खिलाफ जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। राजधानी तिराना सहित देश के कई हिस्सों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और इसे 'फ्लेमिंगो रेवोल्यूशन' (Flamingo Revolution) का नाम दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की है।
क्यों हो रहा है जारेड कुशनर के प्रोजेक्ट का विरोध?
जारेड कुशनर की निवेश फर्म 'एफिनिटी पार्टनर्स' अल्बानिया के खूबसूरत और पर्यावरण के लिहाज से बेहद संवेदनशील तटीय क्षेत्र (नार्टा लैगून और साजान द्वीप) में करीब 4 अरब डॉलर की लागत से एक बड़ा लग्जरी रिसॉर्ट, विला और होटल प्रोजेक्ट विकसित करना चाहती है। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण संगठनों का आरोप है कि इस भारी-भरकम निर्माण से वहां के प्राकृतिक संसाधनों को गंभीर नुकसान पहुंचेगा। यह इलाका लुप्तप्राय प्रजातियों और प्रवासी पक्षियों, खासकर 'पिंक फ्लेमिंगो' (राजहंस) का प्राकृतिक आवास है। यही वजह है कि प्रदर्शनकारी हाथों में गुलाबी फ्लेमिंगो के कट-आउट लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
सुरक्षा गार्ड की बदसलूकी के बाद भड़का गुस्सा
यह विवाद तब और ज्यादा बढ़ गया जब पिछले दिनों निर्माण स्थल पर काम शुरू करने के लिए बुलडोज़र और भारी मशीनें पहुंच गईं। इस दौरान विरोध कर रहे एक पर्यावरण कार्यकर्ता को निजी सुरक्षा गार्ड द्वारा घसीटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना ने आग में घी का काम किया, जिसके बाद प्रदर्शनों का दायरा राजधानी तिराना तक फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने "अल्बानिया बिकाऊ नहीं है" के नारे लगाते हुए जारेड कुशनर और उनकी पत्नी इवांका ट्रंप के इस प्रोजेक्ट को तुरंत रद्द करने की मांग की है।
भ्रष्टाचार के आरोप और सरकारी रुख
आंदोलनकारियों का आरोप है कि अल्बानिया की सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देने में पारदर्शिता नहीं बरती और इसके लिए साल 2024 में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कानूनों में भी चुपके से बदलाव कर दिए गए। विवाद बढ़ता देख देश की एंटी-करप्शन जांच एजेंसी (SPAK) ने इस जमीन सौदे और नियमों में हुए बदलावों की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। दूसरी तरफ, अल्बानिया के प्रधानमंत्री एदी रामा इस परियोजना के समर्थन में खड़े हैं। उनका कहना है कि इस मेगा प्रोजेक्ट से देश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और वे किसी भी कीमत पर इस निवेश को रुकने नहीं देंगे।
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