सरकार पर भारी पड़ रहा युवाओं के पेट पेरेंट्स का ट्रेंड
बीजिंग। घटती आबादी के संकट से जूझ रहे चीन में जल्द ही बच्चों से ज्यादा जानवरों की संख्या हो जाएगी। गोल्डमैन सैश की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के शहरी पालतू जानवरों की आबादी साल के अंत तक चार साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या को पार कर जाएगी क्योंकि यहां पेट पेरेंट्स यानि बच्चे पैदा करने की जगह पालूत जानवरों को रखने का चलन बढ़ रहा है। जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि दशकों से चली आ रही एक बच्चे की नीति के बाद चीन की आबादी तेज़ी से बूढ़ी हो रही है और उसका कार्यबल सिकुड़ रहा है।
युवा जनसंख्या अनुसंधान संस्थान द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि चीन में एक बच्चों को पालने के मामले में सबसे महंगा देश है यहां एक बच्चे को पालने में दुनिया में सबसे अधिक खर्च होता है, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस का नंबर आता है। चीन की सरकार 2016 में एक बच्चे की नीति को समाप्त कर दिया और बाद में 2021 में तीन बच्चों की अनुमति देने के लिए जन्म से जुड़े प्रतिबंधों में ढील दी। अब चीन जन्म दर को बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है। 36 वर्षीय हैनसेन और 35 वर्षीय मोमो, बच्चे पैदा करने से परहेज़ कर रहे हैं और इसके बजाय पालतू जानवर पालना पसंद कर रहे हैं। उन्हीं की तरह और भी चीन कपल्स के बीच पालतू जानवरों को पाना एक आम चलन होता जा रहा है।
गोल्डमैन सैश की एक रिपोर्ट में भविष्यवाणी की गई है कि साल के अंत तक, चीन के शहरी क्षेत्रों में पालतू जानवरों की संख्या चार साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या से ज्यादा हो जाएगी। यह बात पालतू जानवरों के भोजन की बढ़ती मांग के बाद सामने आई है। गोल्डमैन सैश का अनुमान है कि 2030 तक, शहरी चीन के पालतू जानवरों की आबादी देश भर में चार साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या से लगभग दोगुनी हो जाएगी। यह अनुमान केवल शहरी क्षेत्रों के लिए है और यदि ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल किया जाए तो पालतू जानवरों की कुल संख्या और भी अधिक होगी। गोल्डमैन सैश के अनुसार, चीन की युवा आबादी के बीच पालतू जानवर पालने का जबरदस्त क्रेज चलन में आया है। युवा पीढ़ी अब परिवार की वंशावली को जारी रखने के साधन के रूप में शादी और बच्चे पैदा करने को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चीन में पालतू जानवरों के भोजन की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसकी बिक्री 2017 से 2023 तक सालाना 16 प्रतिशत बढक़र 7 अरब डॉलर तक पहुंच गई।और अगले छह वर्षों में चीन में पेट्स फूड 15 अरब डॉलर का उद्योग बन सकता है।
क्यों बढ़ रहा है पेट्स का ट्रेंड?
20 साल पहले तक चीन में पालतू जानवरों को रखना अमीरों की विलासिता माना जाता था और मिश्रित नस्ल के कुत्तों को मुख्य रूप से रक्षक जानवरों के रूप में महत्व दिया जाता था। चीन की जन्म दर में भी 2022 से 2030 तक सालाना 4.2 प्रतिशत की गिरावट आने की उम्मीद है। इसकी वजह 20-35 वर्ष की महिलाओं की घटती आबादी और युवा लोगों में बच्चे पैदा करने में देरी करने या उसे न करने की बढ़ती प्रवृत्ति को माना जा रहा है। बढ़ती महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता कई चीनी जोड़ों को बच्चे पैदा करने से रोक रही है। सीएनएन के मुताबिक, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था उच्च युवा बेरोजग़ारी से लेकर लंबे समय तक चलने वाले संपत्ति संकट तक की चुनौतियों का सामना कर रही है।
सिहोरा में हिंसा का लाइव फुटेज वायरल, हमलावरों की करतूत कैमरे में कैद
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ सिस्टम, 7 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
जिस वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार थे भागवत........उस पर हरदोई में हुई पत्थरबाजी
तकनीक तभी सार्थक जब वह मानव हित में हो, हम एआई को सुशासन और सबके विकास के लिए अपनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सीएम मोहन यादव ने कंपनियों को मध्य प्रदेश आने का दिया निमंत्रण
T20 WC: पाकिस्तान क्रिकेट में बढ़ा बवाल! शादाब खान के 'भारत को नहीं हराया' वाले बयान पर शाहिद अफरीदी का पलटवार
कौन हैं एआई किड ऑफ इंडिया, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान चर्चा में क्यों? जानिए उनके बारे में सबकुछ
टैरिफ ट्रंप का सबसे बड़ा हथियार: सस्ती दवाओं के लिए फ्रांस पर बनाया दबाव, वाइन पर 100% टैक्स की दी धमकी
Export Measures: निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार के सात कदम, ई-कॉमर्स निर्यातकों को सस्ते कर्ज के साथ मदद भी