Tulsi Gabbard के इस्तीफे के बाद प्रशासन में बदलाव पर उठे नए सवाल
वॉशिंगटन। अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। उन्होंने इस फैसले के पीछे पारिवारिक वजहों का हवाला देते हुए बताया कि उनके पति अब्राहम विलियम्स एक गंभीर और दुर्लभ बोन कैंसर (हड्डी के कैंसर) से पीड़ित हैं, जिसके चलते आगामी महीनों में उन्हें अपने परिवार के साथ रहने की सख्त आवश्यकता है। तुलसी गबार्ड का यह इस्तीफा आगामी 30 जून से प्रभावी माना जाएगा, जिसकी पुष्टि स्वयं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कर दी है। ट्रंप ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में उनका अपने पति के साथ रहने का फैसला बिल्कुल सही है। फिलहाल प्रिंसिपल डिप्टी डायरेक्टर आरोन लुकास इस पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगे।
व्हाइट हाउस से बढ़ती दूरियां और मतभेदों की रही चर्चा
तुलसी गबार्ड का सेवाकाल लगातार कई तरह के विवादों और प्रशासनिक खींचतान से घिरा रहा। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं थीं कि वे राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी राष्ट्रीय सुरक्षा समूह से लगातार अलग-थलग होती जा रही थीं। मीडिया कयासों में तो यहां तक दावा किया गया कि व्हाइट हाउस उनके कामकाज के तौर-तरीकों से संतुष्ट नहीं था और उन पर पद छोड़ने का अंदरूनी दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि, गबार्ड के दफ्तर और व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डेविस इंगले ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा है कि उन्हें जबरन नहीं हटाया गया है। इसके अलावा, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी राष्ट्रपति और गबार्ड के बीच सार्वजनिक रूप से मतभेद उजागर हुए थे।
अहम सुरक्षा बैठकों से दूरी और प्रशासनिक नीतियां
अपने कार्यकाल के दौरान तुलसी गबार्ड को वेनेजुएला और ईरान जैसे संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठकों से अलग रखा गया था। गबार्ड हमेशा से ही दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में अमेरिकी सेना के हस्तक्षेप की मुखर विरोधी रही हैं। पूर्व में डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद रहीं गबार्ड बाद में रिपब्लिकन पार्टी में शामिल हुई थीं, जिसके बाद जनवरी 2025 में ट्रंप ने खुफिया एजेंसियों के व्यापक अनुभव न होने के बावजूद उन्हें इस बेहद अहम पद की कमान सौंपी थी। यह भी सामने आया है कि जॉन एफ कैनेडी की हत्या, कोरोना महामारी की उत्पत्ति और वोटिंग मशीनों से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के लिए गबार्ड द्वारा बनाई गई टास्क फोर्स से भी ट्रंप प्रशासन नाखुश था।
ट्रंप कैबिनेट से अलग होने वाली चौथी महिला मंत्री
तुलसी गबार्ड का जाना वर्तमान अमेरिकी प्रशासन के लिए एक और बड़ा फेरबदल है, क्योंकि वे इस साल ट्रंप कैबिनेट से हटने वाली चौथी वरिष्ठ महिला अधिकारी बन गई हैं। उनसे पहले मार्च के महीने में होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम को उनके पद से मुक्त किया गया था, जबकि अप्रैल में अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को भी अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। वहीं, लेबर सेक्रेटरी लोरी चावेज-डीरेमर ने कुछ निजी विवादों और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों के चलते अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था।
रायगढ़ के रामलीला मैदान में 14 से 23 सितंबर तक सजेगा चक्रधर समारोह का भव्य मंच
कठिनाईयों और संघर्ष के बावजूद अपनी पहचान और गौरव को बनायें रखने वाले सिंधी समाज पर सभी को गर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज, देश-दुनिया के सामने खुली पर्यटन संभावनाओं की नई राह
सेवा संकल्प अभियान 2026: हुनर को मिल रही नई उड़ान’
पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से कवर करें, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं एएनसी जांच सुनिश्चित हो: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
"हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
लगातार दो वर्ष देश में सर्वाधिक रिकवरी दर, यह किसानों की मेहनत का परिणाम है - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
केन बेतवा लिंक परियोजना के क्रियान्वयन से बुंदेलखंड क्षेत्र में आयेगी खुशहाली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रदेश की लाडली बहना लाभ लेने वाली नहीं, अब बन रही है लाभ कमाने वाली: मुख्यमंत्री डॉ यादव