नई दिल्ली। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने समूचे उत्तर भारत से लेकर दक्षिण के कुछ हिस्सों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। जम्मू-कश्मीर की बर्फबारी से लेकर केरल की फुहारों तक, देश के एक बड़े हिस्से में भीषण गर्मी के बीच राहत की बारिश दर्ज की गई। जहाँ हिमालयी क्षेत्रों में ताजा हिमपात से तापमान में भारी गिरावट आई है, वहीं मैदानी इलाकों में 50 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और गरज-चमक के साथ हुई वर्षा ने चिलचिलाती धूप से लोगों को निजात दिलाई है। हालांकि, मौसम के इस बदले रूप ने अपने साथ तबाही भी लाई है, जिससे देश के विभिन्न राज्यों में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है।

आसमानी आफत: आंधी-बारिश और दीवार गिरने से 27 लोगों की जान गई

बदले मौसम के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा जनित हादसों में कुल 27 लोगों की मौत की खबर है। उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया, जहाँ विभिन्न दुर्घटनाओं में 18 लोगों ने दम तोड़ दिया; इनमें सुल्तानपुर, अमेठी और अयोध्या जिले सर्वाधिक प्रभावित रहे। झारखंड के गिरिडीह में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हुई। वहीं, दक्षिण भारत के बंगलूरू में दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहाँ भारी बारिश और ओलावृष्टि के दौरान एक अस्पताल की दीवार गिरने से दो मासूम बच्चों सहित सात लोगों की मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवजे और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है।

हिमाचल में 10 डिग्री लुढ़का पारा, कश्मीर में हिमपात से रास्ते बंद

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मौसम के बदलाव ने कड़ाके की ठंड की वापसी करा दी है। हिमाचल के अधिकतम तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पारा 42 डिग्री से गिरकर 30-35 डिग्री के आसपास पहुँच गया है। चंबा, लाहौल और रोहतांग दर्रे जैसे ऊंचे इलाकों में हुई बर्फबारी ने सैलानियों के चेहरे तो खिला दिए हैं, लेकिन यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़-अनंतनाग मार्ग को बर्फबारी और फिसलन के कारण एहतियातन बंद करना पड़ा है। श्रीनगर में पारा सामान्य से 6 डिग्री नीचे गिर गया है, जिससे मई की शुरुआत में ही लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।

पूर्वोत्तर में मूसलाधार बारिश, मिजोरम में स्कूल बंद

पश्चिमी विक्षोभ का असर पूर्वोत्तर राज्यों में भी व्यापक रूप से देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम और असम सहित सात बहनों के नाम से प्रसिद्ध राज्यों में भारी से अति भारी वर्षा दर्ज की गई है। सिक्किम में 21 सेमी तक पानी बरसा, वहीं मिजोरम में हालात इतने खराब रहे कि पांच जिलों के स्कूलों में अवकाश घोषित करना पड़ा। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है, जिससे तापमान नियंत्रण में रहेगा।