हंतावायरस से बचाव के लिए किन बातों का रखें ध्यान
दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन दिनों एक बेहद खतरनाक संक्रमण 'हंतावायरस' (Hantavirus) को लेकर चेतावनी जारी कर रहे हैं। इस जानलेवा बीमारी की शुरुआत अटलांटिक महासागर में मौजूद एक क्रूज शिप 'एमवी होंडियस' से हुई, जहाँ इस वायरस के प्रकोप से तीन यात्रियों की जान जा चुकी है और कई अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं। 24 अप्रैल को इस जहाज से दर्जनों लोग सेंट हेलेना द्वीप पर उतरे थे, जिनकी तलाश अब स्वास्थ्य अधिकारी युद्ध स्तर पर कर रहे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। आशंका जताई जा रही है कि चूहों के जरिए फैलने वाला यह वायरस जल्द ही ब्रिटेन की सीमाओं में प्रवेश कर सकता है।
पालतू चूहे भी बन सकते हैं संक्रमण का जरिया
ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (UKHSA) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, हंतावायरस का खतरा केवल जंगली जानवरों तक सीमित नहीं है। घरों में पाले जाने वाले चूहों से भी इंसानों में संक्रमण के मामले सामने आए हैं। साल 2012 के बाद से ब्रिटेन में 'सियोल स्ट्रेन' के 11 मामले मिले हैं, जिनमें से 9 का सीधा संबंध पालतू चूहों से था। विशेषकर ग्रामीण इलाकों, खेतों और पुरानी फैक्ट्रियों में रहने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
घर में मौजूद चूहों से क्यों है खतरा?
हंतावायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और गिलहरियों के मल, मूत्र और लार के जरिए फैलता है। विशेषज्ञों के मुताबिक:
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सियोल वायरस: यह स्ट्रेन फेफड़ों के बजाय किडनी पर हमला करता है।
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एंडीज स्ट्रेन: एमवी होंडियस क्रूज पर इसी स्ट्रेन के लक्षण पाए गए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि एंडीज वायरस ही एकमात्र ऐसा स्ट्रेन है जो एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है।
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संक्रमण का स्थान: गंदगी वाले कोने, स्टोर रूम और पुराने फर्नीचर चूहों के पसंदीदा ठिकाने होते हैं, जहाँ वायरस के पनपने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
साफ-सफाई के दौरान बरतें ये सावधानियां
साउथैम्प्टन यूनिवर्सिटी के डॉ. माइकल हेड के अनुसार, जब हम चूहों वाली जगहों की सफाई करते हैं, तो वायरस के कण हवा में मिलकर सांस के जरिए हमारे फेफड़ों तक पहुँच सकते हैं। इससे बचाव के लिए विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
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सूखी सफाई से बचें: सफाई शुरू करने से पहले उस जगह पर पानी या कीटाणुनाशक का छिड़काव करें ताकि धूल और वायरस हवा में न उड़ें।
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सुरक्षा उपकरण: सफाई करते समय मास्क, दस्ताने और गॉगल्स (चश्मा) का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।
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हाइजीन: चूहों के पिंजरे या उनके रहने वाली जगह को छूने के बाद हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं।
फ्लू जैसे लक्षणों को न करें नजरअंदाज
हंतावायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू या जुकाम जैसे लग सकते हैं, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर यह सांस लेने में गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। चूहों पर प्रभावी नियंत्रण और नियमित साफ-सफाई ही इस अदृश्य खतरे से बचने का एकमात्र सुरक्षित रास्ता है। घर में चूहों की मौजूदगी दिखने पर तुरंत उचित कदम उठाएं और सुरक्षात्मक उपायों के बिना संक्रमित क्षेत्रों को न छुएं।
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