बोखी में जल जीवन मिशन का कार्य पूर्ण
जशपुरनगर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत ‘हर घर जल योजना से लोगों के घर तक नल के माध्यम से जल मिल रहा है।
इसी कड़ी में फरसाबहार विकासखंड का ग्राम बोकी हर घर जल श्रेणी में शामिल हो गया है। ग्राम बोखी जशपुर जिला मुख्यालय से 77 कि.मी. दूरी पर है। जहां जल जीवन मिशन का कार्य पूर्ण हो चुका है, ग्राम में 5 नग उच्च स्तरीय जलागार स्थापित है जिसकी क्षमता कुल 50,000 लीटर है एवं कुल 230 क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन के द्वारा सभी ग्रामीणो के घरों तक पानी दिया जा रहा है। घर तक नल के माध्यम से जल मिलने से ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
योजना से लाभ ले रहे हितग्राही प्रहलाद साय ने बताया कि गांव में जल जीवन मिशन के आने से पूर्व ग्रामीण अपने पानी के लिए हैण्डपंप एवं कुंआ पर निर्भर थे। अब जल जीवन मिशन के गांव में आने के बाद पानी की समस्या खत्म हो गयी। क्योंकि प्रत्येक घर में क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन लगा हुआ है। जिससे गांव के सभी के घरों में नल से शुद्व पेयजल मिल रहा है और अब सभी ग्रामीण खुश हैं।
जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना से विशेष रूप से महिलाएं के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हो रही है। महिलाएं घर, परिवार के लिए हैण्डपंप एवं कुंओं से पानी लाती थी अब वो समस्या योजना के आने से खत्म हो गया है और जो समय पानी भरने मेें लगता था उस समय का उपयोग अन्य कामों के लिए कर रही है। पहले पानी की वजह से वर्षा ऋतु में ग्रामीणों की तबीयत ज्यादा खराब होने की समस्या रहती थी। योजना के आने के बाद चेक किया हुआ पानी मिलने से अब गांव में लोगों की तबीयत खराब होने में काफी कमी आई है और बार-बार अस्पताल जाने की समस्या खत्म हो गयी है। जिससे ग्रामवासियों को आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ रहा है।
यूपीआआई के बावजूद क्रेडिट कार्ड क्यों हैं खास? जानें उनके नए फायदे!
तेल आपूर्ति पर मंडराया बड़ा संकट, होर्मुज के बाद बाब अल-मंडेब में हूतियों का दबदबा
सागर शराब कांड में पुलिस की कार्रवाई, 30 हजार के इनामी आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ा
परिवारवाद के मुद्दे पर मायावती ने दी सफाई, भाई आनंद कुमार को लेकर कही बड़ी बात
भारत मंडपम के बाहर जुटे तिब्बती यूथ कांग्रेस के सदस्य, पुलिस ने 50 से अधिक को हिरासत में लिया
एमपी में स्वाइन फ्लू का कहर, भोपाल में एच1एन1 मरीज ने दम तोड़ा
सिद्धार्थ बाबू की कहानी: निजी नौकरी छोड़ी, UPSC में चमके और बन गए विदेश सेवा अधिकारी